KNEWS DESK- बिहार सरकार ने जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। अब इन प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में नोटरी पब्लिक द्वारा विधिवत निष्पादित शपथपत्र को भी नियमानुसार मान्यता दी जाएगी। सरकार ने सभी जिलों में अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
योजना एवं विकास विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अंचल कार्यालयों में जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र से संबंधित मामलों में नोटरी पब्लिक के समक्ष विधिवत निष्पादित शपथपत्र को स्वीकार किया जाए। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
शपथपत्र को लेकर नहीं होगी अनावश्यक आपत्ति
सरकार के निर्देश में मुख्य सचिव के पूर्व आदेश का भी हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि नोटरी पब्लिक या सक्षम प्रमाणक के सामने विधिवत दिया गया शपथपत्र कानून के अनुसार मान्य दस्तावेज है। इसलिए केवल नोटरी के शपथपत्र के आधार पर अनावश्यक आपत्ति नहीं की जानी चाहिए।
सरकार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी स्तर पर ऐसे शपथपत्र को स्वीकार करने में बेवजह परेशानी या आपत्ति पैदा की जा रही है, तो उसे तुरंत दूर किया जाए। प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने के लिए भी अधिकारियों को कहा गया है।
आवेदन के बाद सरकार ने लिया फैसला
जानकारी के मुताबिक, आरा के अधिवक्ता प्रमोद कुमार राय ने इस संबंध में राष्ट्रपति सचिवालय को आवेदन भेजा था। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की समीक्षा की और संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाते समय शपथपत्र की वैधता को लेकर कई लोगों को अंचल कार्यालयों में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
जमीन सर्वे में भी मिलेगा फायदा
बिहार में चल रहे जमीन सर्वे और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में वंशावली का विशेष महत्व है। ग्रामीण इलाकों में वंशावली तैयार कराने के लिए लोगों को अक्सर पंचायत और अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
कई मामलों में पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच की संस्तुति और प्रमाणन की जरूरत होती थी। इससे प्रक्रिया लंबी होने के साथ लोगों का समय भी खर्च होता था।
नए निर्देश के बाद नोटरी पब्लिक के सामने विधिवत तैयार शपथपत्र को भी मान्यता मिलने से लोगों को एक वैकल्पिक प्रक्रिया उपलब्ध होगी। खासकर जमीन सर्वे और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े मामलों में इसका फायदा मिल सकता है।
क्या होगा लोगों को फायदा?
सरकार के इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जन्म, मृत्यु या वंशावली प्रमाण पत्र के लिए शपथपत्र की जरूरत पड़ती है। नोटरी से विधिवत तैयार शपथपत्र स्वीकार होने से दस्तावेजी प्रक्रिया आसान हो सकती है और अनावश्यक देरी कम हो सकती है।
हालांकि, नोटरी का शपथपत्र अन्य जरूरी दस्तावेजों या विभागीय प्रक्रिया का स्वतः विकल्प नहीं होगा। प्रमाण पत्र जारी करने के लिए संबंधित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन करना जरूरी रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल नोटरी शपथपत्र को लेकर आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। अब सभी संबंधित अधिकारियों को इस निर्देश का नियमानुसार पालन करना होगा।