Knews Desk– झारखंड में JSSC CGL परीक्षा और सरकारी नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। दरअसल, दो अहम मांगों को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अब भी सहमति नहीं बन पाई है।
इन 2 मांगों पर फंसा पूरा मामला
रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक बातचीत हुई। सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की 98 फीसदी मांगों को मान लिया गया है। इनमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने जैसे फैसले शामिल हैं।हालांकि, छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर बात अटक गई है। पहली मांग JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की है। छात्र इस परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं और परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी और सबसे अहम मांग पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है।सरकार की ओर से JSSC CGL को रद्द करने को लेकर कानूनी अड़चन का हवाला दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी, इसलिए राज्य सरकार अपनी तरफ से इसे रद्द नहीं कर सकती। इसी तरह CBI जांच की मांग पर भी अभी छात्रों को वह आश्वासन नहीं मिला है, जिसकी वे मांग कर रहे हैं।इस बीच JPSC से जुड़े मामले में आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे से भी विवाद और गहरा गया है। छात्रों का कहना है कि सिर्फ कुछ परीक्षाओं को रद्द करने या कमेटी बनाने से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। वे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा मार्च पर सबकी नजर
सोमवार को विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करने की अपील की है। वहीं छात्रों ने भी अपने साथियों से पुलिस के साथ किसी तरह की झड़प नहीं करने और किसी के उकसावे में नहीं आने की अपील की है।अब सवाल यही है कि जब सरकार 98 फीसदी मांगें मानने का दावा कर रही है, तो क्या इन दो मुद्दों पर कोई रास्ता निकलेगा? फिलहाल JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग ही छात्र आंदोलन और सरकार के बीच सबसे बड़ा गतिरोध बनी हुई है।