Knews Desk– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने की अपनी कोशिशों को एक बार फिर आगे बढ़ाते हुए दो नए कार्यकारी आदेशों (Executive Orders) पर हस्ताक्षर किए हैं। जून 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने नागरिकता नीति को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। इन नए आदेशों का उद्देश्य अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को स्वतः नागरिकता मिलने की प्रक्रिया को सीमित करना और तथाकथित “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाना है।व्हाइट हाउस में इन आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी नागरिकता प्रणाली का दुरुपयोग रोकना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था का फायदा उठाकर कई लोग केवल अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार का यह कदम संविधान के अनुरूप है और इससे देश के हितों की रक्षा होगी।
पहले कार्यकारी आदेश के तहत कुछ विशेष श्रेणियों के बच्चों को जन्म के आधार पर स्वतः अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी। इसमें विदेशी दूतावासों या अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े अधिकारियों के बच्चे, “एलियन एनिमीज” (Alien Enemies) की श्रेणी में आने वाले लोगों के बच्चे तथा ऐसे मामलों को शामिल किया गया है, जहां नागरिकता हासिल करने के लिए धोखाधड़ी या गलत जानकारी का इस्तेमाल किया गया हो। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इन मामलों में नागरिकता देने के नियमों की दोबारा समीक्षा आवश्यक है।दूसरा कार्यकारी आदेश उन लोगों पर केंद्रित है जो केवल बच्चे को जन्म देने और उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका की यात्रा करते हैं। इसे आम तौर पर “बर्थ टूरिज्म” कहा जाता है। नए आदेश के तहत ऐसे मामलों में वीजा नियमों को और सख्त किया जाएगा, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट उनकी पिछली पहल का समर्थन करेगा, लेकिन अदालत के फैसले से उनकी सरकार को निराशा हुई। उन्होंने कहा कि अदालत का निर्णय देश के हित में नहीं था, इसलिए प्रशासन अब संवैधानिक दायरे में रहते हुए नए तरीके से इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहा है। ट्रंप का मानना है कि ये नए आदेश पहले की तुलना में अधिक सीमित और कानूनी रूप से मजबूत हैं।हालांकि, ट्रंप सरकार के इन फैसलों को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। कई इमिग्रेशन विशेषज्ञों और संवैधानिक कानून के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) में जन्म के आधार पर नागरिकता का अधिकार स्पष्ट रूप से दिया गया है। उनके अनुसार, किसी कार्यकारी आदेश के जरिए इस संवैधानिक अधिकार को सीमित करना आसान नहीं होगा और इन आदेशों को अदालत में चुनौती मिलना लगभग तय है।
गौरतलब है कि जून 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की उस कोशिश को खारिज कर दिया था, जिसमें अमेरिका में अवैध या अस्थायी रूप से रह रहे प्रवासियों के बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता देने पर रोक लगाने का प्रयास किया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि नागरिकता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव केवल कार्यकारी आदेशों के जरिए नहीं किया जा सकता।विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के नए आदेश आगामी कानूनी लड़ाई की शुरुआत हो सकते हैं। दूसरी ओर, ट्रंप समर्थकों का कहना है कि अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था में सुधार और नागरिकता के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि इन आदेशों पर अमेरिकी अदालतें क्या रुख अपनाती हैं और क्या ट्रंप प्रशासन अपनी नई रणनीति के जरिए जन्मसिद्ध नागरिकता के नियमों में कोई बदलाव कर पाता है।