Knews Desk- खाने में इस्तेमाल होने वाले मसालों में मिलावट का एक गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के कई ठिकानों पर छापेमारी कर 25 टन से अधिक संदिग्ध और मिलावटी मसाले जब्त किए हैं। जांच के दौरान मसालों को आकर्षक दिखाने और उनकी मात्रा बढ़ाने के लिए कथित तौर पर कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले रंग, टेलकम पाउडर और अन्य रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान चलाया। इस दौरान मसालों की प्रोसेसिंग, खरीद-बिक्री और थोक व खुदरा कारोबार से जुड़े 13 ठिकानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कई गंभीर उल्लंघन सामने आने का दावा किया गया। अधिकारियों को शक है कि कुछ कारोबारी मसालों की गुणवत्ता और वास्तविक सामग्री छिपाने के लिए गलत लेबलिंग के साथ ऐसी प्रोसेसिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा सके।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 25 टन से अधिक मसाले जब्त किए। जांच में इनमें कथित तौर पर ऐसे रासायनिक और अन्य पदार्थों के इस्तेमाल का पता चला, जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मिलावट लंबे समय तक सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में केस
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार के मुताबिक, मामले में अब तक तीन आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के अलावा भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि लोगों की सेहत को खतरे में डालकर मुनाफा कमाने वाले कारोबारियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट के नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाना है।
H-FAST की लगातार कार्रवाई
मार्च 2026 में गठन के बाद से H-FAST लगातार खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान चला रही है। टीम ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर सैकड़ों ठिकानों पर कार्रवाई कर चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 659 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इन कार्रवाइयों में 202 एफआईआर दर्ज होने के साथ करीब 246 टन संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है।
इससे पहले की कार्रवाई में होटलों में सप्लाई के लिए रखे गए करीब 12 टन सड़े हुए मांस और लगभग 60 टन चिकन वेस्ट को भी पकड़ा गया था। इसके अलावा रसायनों की मदद से फलों को पकाने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25.8 टन फल जब्त किए गए थे।
अधिकारियों ने अलग-अलग अभियानों में करीब 9.2 टन मिलावटी अचार और 3.8 टन नकली चाय पत्ती भी बरामद करने का दावा किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।