बार-बार निकल रहे हैं पिंपल्स? किचन में मौजूद नीम ऐसे बन सकता है स्किनकेयर का हिस्सा

चेहरे पर बार-बार पिंपल्स और ब्रेकआउट होना आजकल आम समस्या है। ऑयली स्किन, बंद पोर्स, हार्मोनल बदलाव और कई दूसरी वजहों से मुंहासे हो सकते हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर बार मनचाहा नतीजा नहीं मिलता। ऐसे में नीम का पानी कुछ लोगों के लिए स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बन सकता है। हालांकि इसे मुंहासों का पक्का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

नीम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। नीम में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों पर अध्ययन किए गए हैं। यही वजह है कि नीम से बने कई स्किनकेयर प्रोडक्ट्स भी बाजार में मिलते हैं। हालांकि घर पर तैयार नीम का पानी हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

घर पर कैसे तैयार करें नीम का पानी?

नीम का पानी तैयार करने के लिए आपको ताजी नीम की पत्तियां और पानी चाहिए। सबसे पहले एक-दो मुट्ठी नीम की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद 2 से 3 गिलास पानी में पत्तियों को कुछ देर उबालें। पानी का रंग बदलने के बाद गैस बंद कर दें और इसे पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद पानी को छान लें। ध्यान रखें कि घर पर तैयार इस तरह के मिश्रण में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए इसे लंबे समय तक स्टोर करना ठीक नहीं है। गंध, रंग या बनावट में बदलाव दिखे तो इसे फेंक दें।

चेहरे पर कैसे करें इस्तेमाल?

सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें। इसके बाद थोड़ी मात्रा में नीम के पानी को कॉटन पैड की मदद से त्वचा पर लगाया जा सकता है। शुरुआत में इसे चेहरे के छोटे हिस्से पर ही आजमाना बेहतर है। अगर किसी तरह की जलन, खुजली, लालिमा या सूजन महसूस हो तो तुरंत चेहरे को पानी से धोकर इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

पैच टेस्ट करना न भूलें

किसी भी घरेलू नुस्खे को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूरी है। थोड़ी मात्रा को बांह या कान के पीछे लगाकर देखें कि त्वचा पर कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही। यह भी जरूरी नहीं कि ज्यादा या रोजाना इस्तेमाल करने से परिणाम बेहतर होंगे। जरूरत से ज्यादा प्रयोग त्वचा को रूखा या इरिटेट कर सकता है।

पिंपल्स की असली वजह समझना भी जरूरी

बार-बार पिंपल्स होने की कई वजहें हो सकती हैं। इनमें अतिरिक्त सीबम, बंद पोर्स, हार्मोनल बदलाव और मुंहासों से जुड़े बैक्टीरिया शामिल हैं। इसलिए सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है।

अगर पिंपल्स लगातार निकल रहे हैं, दर्दनाक हैं, उनमें सूजन है या चेहरे पर दाग-धब्बे और निशान छोड़ रहे हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। सही कारण का पता लगाकर समय पर इलाज करने से मुंहासों और उनसे होने वाले निशानों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

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