KNEWS DESK- सावन का पवित्र महीना भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आराधना के लिए भी बेहद खास माना जाता है। सावन के सोमवार जहां भगवान शिव को समर्पित होते हैं, वहीं इस महीने के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने और मां गौरी की विशेष पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से मंगला गौरी व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से मां गौरी की आराधना करती हैं। इस दिन पूजा के साथ माता को विशेष भोग अर्पित करने का भी महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक मां गौरी को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत पर माता को किन चीजों का भोग लगाया जा सकता है।
मंगला गौरी व्रत का धार्मिक महत्व
माता पार्वती को सौभाग्य, प्रेम और सुखी वैवाहिक जीवन की देवी माना जाता है। सावन के मंगलवार को मां पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर माता से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की प्रार्थना करती हैं। पूजा में मां गौरी को फूल, फल, धूप-दीप, सुहाग सामग्री और विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करने की परंपरा है।
हलवा-पूरी का लगाएं भोग

मंगला गौरी व्रत पर मां गौरी को हलवा-पूरी का भोग लगाना शुभ माना जाता है। घर में शुद्ध और सात्विक तरीके से हलवा तैयार कर माता को अर्पित किया जा सकता है। इसके साथ पूरी और चने भी भोग में शामिल किए जा सकते हैं। पूजा संपन्न होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों और जरूरतमंद लोगों में बांटा जा सकता है।
मां गौरी को अर्पित करें मालपुआ
मंगला गौरी की पूजा में मालपुआ भी अर्पित किया जा सकता है। धार्मिक परंपराओं में देवी-देवताओं को मीठा भोग लगाने का विशेष महत्व बताया गया है। माता को मालपुआ अर्पित करने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों के बीच बांटा जा सकता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक मीठा भोग अर्पित करने से मां गौरी प्रसन्न होती हैं।
खीर का भोग माना जाता है शुभ

मां गौरी को खीर का भोग लगाना भी शुभ माना गया है। दूध, चावल और चीनी से सात्विक तरीके से तैयार की गई खीर पूजा के दौरान माता को अर्पित की जा सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां गौरी को खीर अर्पित करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। भोग लगाने के बाद खीर को प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है।
नारियल और मिठाई करें अर्पित
मंगला गौरी की पूजा में नारियल का भी विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन माता के सामने नारियल अर्पित करने के साथ घर में तैयार की गई मिठाई या शुद्ध मिठाई का भोग लगाया जा सकता है। पूजा पूरी होने के बाद इसे माता का प्रसाद मानकर परिवार के सदस्यों में बांटें।
ताजे फलों का लगाएं भोग

व्रत रखने वाली महिलाएं मां गौरी को मौसमी फलों का भोग भी लगा सकती हैं। केला, सेब, अनार और नारियल जैसे फल पूजा में शामिल किए जा सकते हैं। ध्यान रखें कि पूजा में माता को अर्पित किए जाने वाले फल साफ और ताजे हों। भोग लगाने के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जा सकता है।
मां गौरी को अर्पित करें सुहाग की सामग्री
मंगला गौरी व्रत में भोग के साथ सुहाग की सामग्री अर्पित करने की भी विशेष परंपरा है। सुहागिन महिलाएं मां पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी, कुमकुम और चुनरी जैसी चीजें अर्पित करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां गौरी को सुहाग सामग्री अर्पित करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। महिलाएं माता से पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। पूजा के बाद सुहाग की सामग्री किसी सुहागिन महिला को देना भी शुभ माना जाता है।
श्रद्धा से करें मां मंगला गौरी की आराधना
मंगला गौरी व्रत में पूजा और भोग के साथ श्रद्धा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता को भोग अर्पित कर सकते हैं। पूजा के दौरान मां पार्वती और भगवान शिव का ध्यान करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें। धार्मिक मान्यता है कि सावन के मंगलवार को विधि-विधान से मां मंगला गौरी की आराधना करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।