Monsoon Diet For Kids: बारिश आते ही बढ़ जाता है बच्चों में इंफेक्शन का खतरा, खिलाएं ये 3 पौष्टिक चीजें, इम्यूनिटी को मिलेगा सपोर्ट

KNEWS DESK-बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है। खासकर बच्चे बदलते मौसम, दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। बारिश में भीगना, गंदे पानी के संपर्क में आना या बाहर का अनहाइजीनिक खाना खाने से बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार और पेट से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

ऐसे में मानसून के दौरान बच्चों की साफ-सफाई के साथ उनकी डाइट पर ध्यान देना भी जरूरी है। पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन बच्चे की इम्यूनिटी को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है। खासतौर पर विटामिन-सी वाले फल, हल्दी और अदरक जैसी चीजों को बच्चे की उम्र और सहनशीलता के अनुसार डाइट में शामिल किया जा सकता है।

मानसून में बच्चों को हो सकती हैं ये समस्याएं

बरसात के दिनों में नमी और जगह-जगह पानी जमा होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों को इस दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सीजनल फ्लू जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

दूषित पानी या खराब भोजन से दस्त, उल्टी और पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा भी रहता है। वहीं, जमा पानी में मच्छरों के पनपने से डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

नमी के कारण बच्चों में फंगल या अन्य स्किन इंफेक्शन भी हो सकते हैं। इसके अलावा दूषित भोजन और पानी से टायफाइड जैसी बीमारी का खतरा भी बना रहता है।

विटामिन-C से भरपूर फल

बच्चों की डाइट में मौसमी और ताजे फल शामिल करना फायदेमंद है। संतरा, अमरूद और पपीता जैसे फल कई जरूरी विटामिन और पोषक तत्व देते हैं। खासतौर पर विटामिन-C शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बच्चों को फल देने से पहले उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में रखने के बजाय ताजा ही खिलाना बेहतर है।

हल्दी

भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है। इसे बच्चों की सब्जी, दाल या अन्य भोजन में सामान्य मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

बच्चे की उम्र और डाइट के अनुसार हल्दी वाला दूध भी दिया जा सकता है। हालांकि, हल्दी या किसी भी घरेलू नुस्खे को संक्रमण का इलाज नहीं समझना चाहिए। बच्चा बीमार हो तो जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

अदरक

मानसून में अदरक को भी बच्चों के भोजन में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। इसे सब्जी, सूप या पराठे जैसी चीजों में मिलाया जा सकता है।

छोटे बच्चों को तेज काढ़ा या ज्यादा मात्रा में अदरक देने से बचना चाहिए। बच्चे की उम्र, स्वास्थ्य और किसी एलर्जी को ध्यान में रखते हुए ही इसकी मात्रा तय करें।

मानसून में बच्चों को क्या नहीं खिलाना चाहिए?

बारिश के मौसम में बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाला स्ट्रीट फूड देने से बचना बेहतर है, खासकर वहां जहां साफ-सफाई को लेकर भरोसा न हो। दूषित भोजन से पेट का संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कच्ची या ठीक से साफ न की गई चीजों को भी बच्चों को देने से बचें। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें और भोजन को अच्छी तरह पकाएं। पत्तेदार या ऐसी सब्जियां जिनमें मिट्टी और कीड़े आसानी से छिप सकते हैं, उन्हें बेहद सावधानी से साफ करके ही पकाएं।

डाइट के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

बच्चे को बाहर से घर आने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत डालें। उसे कीचड़, गंदे या जमा हुए पानी में खेलने से रोकें। बारिश में भीगने पर गीले कपड़े और जूते जल्द बदलवाएं ताकि त्वचा लंबे समय तक नमी के संपर्क में न रहे। मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। जरूरत के अनुसार मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और बाहर जाते समय बच्चों को शरीर को पर्याप्त रूप से ढकने वाले कपड़े पहनाएं। इन छोटी-छोटी सावधानियों के साथ संतुलित और पौष्टिक डाइट मानसून के दौरान बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। कोई भी भोजन संक्रमण या बीमारी से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। बच्चे को तेज या लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या अन्य गंभीर लक्षण हों तो बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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