KNEWS DESK– पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर हुए कथित हमले के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में पकड़े गए बुलंदशहर निवासी सुमित गिरी की मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई की मांग की है। उन्होंने सांसद की हत्या की साजिश से जुड़े आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि घटना वाले दिन उनका बेटा रोज की तरह लंच बॉक्स लेकर ऑफिस जाने के लिए घर से निकला था और उन्हें उसके दिल्ली पहुंचने की कोई जानकारी नहीं थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मचा था हंगामा
मामला रविवार का बताया जा रहा है। दिल्ली स्थित सांसद पप्पू यादव के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसी दौरान अचानक हंगामा हो गया। आरोप है कि वहां पहुंचे एक युवक ने सांसद की ओर बढ़ते हुए उन पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद सांसद के समर्थकों ने युवक को पकड़ लिया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद पप्पू यादव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए आरोप लगाया कि यह उन पर और उनके परिवार पर हमला करने की सोची-समझी साजिश हो सकती है।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक सांसद के आवास तक कैसे पहुंचा और घटना के पीछे उसकी मंशा क्या थी।
आरोपी की मां ने आरोपों को बताया निराधार
जांच के दौरान पकड़े गए युवक का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया। आरोपी की पहचान सुमित गिरी के रूप में बताई गई है। इस मामले में हैप्पी शर्मा नाम के एक अन्य युवक का नाम भी सामने आया है। मीडिया से बातचीत में सुमित की मां ने दावा किया कि उन्हें अपने बेटे के दिल्ली जाने की जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि सुमित लंच बॉक्स लेकर ऑफिस जाने की बात कहकर घर से निकला था।
परिवार का दावा है कि उन्हें मीडिया में तस्वीरें और खबरें सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। सुमित की मां ने हत्या की साजिश के आरोपों को गलत बताते हुए बेटे को रिहा करने की मांग की है।
मेडिकल जांच को लेकर भी दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी युवक का मेडिकल परीक्षण दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल में कराया गया। रिपोर्ट को लेकर दावा किया गया है कि घटना के समय युवक नशे की हालत में था और किसी नशीले पदार्थ के सेवन की बात सामने आई है।
हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और आरोपी ने किसी साजिश के तहत ऐसा किया या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसे लेकर पुलिस जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।
बुलंदशहर से जुड़े दोनों युवक
मामले में सामने आए सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा दोनों को बुलंदशहर का निवासी बताया जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के भाजपा से जुड़े होने का दावा भी किया गया है। हालांकि इन दावों और उनकी कथित राजनीतिक भूमिकाओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित संगठन या पुलिस की ओर से होना महत्वपूर्ण है। घटना के बाद पुलिस दोनों युवकों की भूमिका और आपसी संपर्क सहित पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुराने विवाद से जुड़ रहा कथित हमले का कनेक्शन
इस घटना को संसद परिसर में हुए एक पुराने विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पप्पू यादव ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में एक नुक्कड़ नाटक आयोजित किया था। इस दौरान एक कलाकार के साधु की वेशभूषा में नजर आने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और कुछ हिंदू संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था। अलग-अलग स्थानों पर सांसद के खिलाफ शिकायतें किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं।
इसके अलावा पप्पू यादव की ओर से दावा किया गया है कि घटना से कुछ दिन पहले उन्हें धमकियां भी मिली थीं। अब दिल्ली पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सांसद के आवास पर हुई घटना का इन पुराने विवादों या कथित धमकियों से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।