छात्रों पर कार्रवाई को लेकर CJP सख्त, असम-बंगाल-बिहार सरकारों को अल्टीमेटम

KNEWS DESK- नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुए छात्र आंदोलन के बाद अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सरकार से अपने पहले दिए गए आश्वासन को पूरा करने और सभी हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पार्टी को कई राज्यों से ऐसी रिपोर्टें मिल रही हैं, जिनमें छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को सरकारी एजेंसियों द्वारा निशाना बनाए जाने, हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की बात सामने आई है। उन्होंने विशेष रूप से असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का जिक्र करते हुए इन घटनाओं पर चिंता जताई। सौरव दास ने कहा कि CJP ने अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन उस समय वापस लिया था, जब केंद्र सरकार की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार के आश्वासन पर विश्वास करते हुए लिया गया था, इसलिए अब सामने आ रही कार्रवाई की खबरें चिंताजनक हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी टीम पहले से ही हिरासत में लिए गए छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों की सहायता के लिए काम कर रही है। संबंधित राज्यों के वकीलों के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों को कानूनी मदद उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं। CJP ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह अपने वादे का सम्मान करे और केंद्रीय मंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश के किसी भी हिस्से में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जबरदस्ती या बदले की कार्रवाई न हो। साथ ही, दर्ज की गई सभी एफआईआर वापस लेने की मांग भी की गई है।

सौरव दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2026 तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म करने का फैसला बातचीत और भरोसे के आधार पर लिया गया था। यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो यह न केवल CJP बल्कि उन लाखों युवाओं के विश्वास को प्रभावित करेगा, जिन्होंने विरोध की जगह संवाद का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि युवाओं के भरोसे को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन आश्वासनों को पूरा करना जरूरी है। CJP ने केंद्र सरकार और भाजपा-एनडीए शासित राज्य सरकारों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ स्थिति संभालने की अपील की है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि हिरासत में लिए गए छात्रों और प्रदर्शनकारियों को जल्द रिहा नहीं किया गया और एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो वह आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी। फिलहाल, पेपर लीक मामले और छात्रों पर कथित कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरम बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *