KNEWS DESK- लोकसभा में सोमवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में यह अहम कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कार्मिक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में इस संशोधन विधेयक को प्रस्तुत करेंगे। विधेयक पेश किए जाने के बाद सरकार इसे चर्चा के लिए सूचीबद्ध करेगी और फिर इसे पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेगी।
यह संशोधन ऐसे समय में लाया जा रहा है जब देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद, को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। पिछले करीब डेढ़ महीने से छात्रों, अभिभावकों और विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। संसद के मॉनसून सत्र में भी यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए मौजूदा कानून में कुछ आवश्यक संशोधन किए जाने की जरूरत है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों, जैसे प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया की गतिविधियां, डिजिटल माध्यमों से धोखाधड़ी, फर्जी उम्मीदवारों की नियुक्ति और संगठित परीक्षा घोटालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। प्रस्तावित संशोधन विधेयक के जरिए जांच एजेंसियों को अधिक स्पष्ट अधिकार, कानूनी प्रक्रियाओं को मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्र सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि लाखों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर करता है, इसलिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से यह संशोधन विधेयक संसद में लाया जा रहा है। विधेयक पेश होने के बाद लोकसभा में इस पर चर्चा होने की संभावना है। चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल अपने सुझाव और संशोधन भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद सदन की सहमति मिलने पर सरकार इसे पारित कराने का प्रयास करेगी। यदि यह विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त करता है, तो सार्वजनिक परीक्षाओं में अनफेयर मीन्स यानी अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनी ढांचा और अधिक मजबूत हो जाएगा।
नीट सहित हाल के परीक्षा विवादों के बाद छात्रों और अभिभावकों की अपेक्षाएं भी इस विधेयक से काफी बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि प्रस्तावित संशोधन भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और योग्य उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अब सभी की निगाहें लोकसभा में होने वाली चर्चा और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले संशोधन के प्रावधानों पर टिकी हैं।