Knews Desk– पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में बाबर सिर्फ 23 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी इस पारी के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनकी फॉर्म को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। पिछले कुछ समय से बाबर का बल्ला उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बना पा रहा है और हालिया आंकड़े भी उनकी खराब लय की गवाही दे रहे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले में पाकिस्तान को अपने कप्तान से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन बाबर एक बार फिर उस भरोसे पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने शुरुआत तो संभलकर की, लेकिन अच्छी लय में दिखने के बावजूद अपनी पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। 23 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिरते ही पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर दबाव बढ़ गया।अगर बाबर आजम की पिछली 10 टेस्ट पारियों पर नजर डालें तो तस्वीर और भी चिंताजनक दिखाई देती है। इन 10 पारियों में उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है। बाकी नौ पारियों में वह 50 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जाने वाले बाबर से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जाती, इसलिए उनके हालिया रिकॉर्ड पर लगातार चर्चा हो रही है।
इन 10 पारियों में बाबर ने इंग्लैंड, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी की है। सबसे मजबूत टीम इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन सबसे ज्यादा निराशाजनक रहा। उन्होंने दो पारियों में सिर्फ 5 और 1 रन बनाए, यानी कुल 6 रन। यह आंकड़ा बताता है कि मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने बाबर संघर्ष करते नजर आए।वेस्टइंडीज के खिलाफ भी बाबर की बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। उन्होंने इस टीम के खिलाफ अपनी पिछली तीन टेस्ट पारियों में 31, 23 और 23 रन बनाए हैं। लगातार दूसरी बार वह 23 रन के स्कोर पर आउट हुए। तीन पारियों में कुल 77 रन बनाने के बावजूद वह एक भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके।
बांग्लादेश के खिलाफ बाबर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। उन्होंने पांच टेस्ट पारियों में 178 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल था। इस दौरान उनका स्कोर 22, 11, 30, 68 और 47 रहा। हालांकि यहां भी वह सिर्फ एक बार ही 50 रन का आंकड़ा पार कर सके।बतौर कप्तान विदेशी सरजमीं पर भी बाबर आजम का रिकॉर्ड हाल के समय में प्रभावशाली नहीं रहा है। घर से बाहर खेली गई पिछली पांच टेस्ट पारियों में उन्होंने 81, 13, 24, 39 और 23 रन बनाए हैं। पहली पारी में 81 रन बनाने के बाद लगातार चार पारियों में वह अर्धशतक तक नहीं पहुंच सके। एक कप्तान से टीम को न सिर्फ रणनीतिक नेतृत्व बल्कि बल्ले से भी उदाहरण पेश करने की उम्मीद रहती है।
हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी थी। कप्तानी मिलने के बाद बाबर ने कहा था कि उनका लक्ष्य टीम के खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना है। लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम को आगे ले जाने के लिए उन्हें खुद भी बल्ले से बड़ी पारियां खेलनी होंगी। कप्तान की फॉर्म का सीधा असर पूरी टीम के आत्मविश्वास पर पड़ता है।अब सभी की निगाहें इस टेस्ट मैच की दूसरी पारी पर होंगी। बाबर आजम के पास शानदार वापसी करने और आलोचकों को जवाब देने का सुनहरा मौका है। अगर वह दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहते हैं, तो न सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति मजबूत होगी बल्कि उनकी खराब फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों पर भी काफी हद तक विराम लग सकता है। वहीं अगर एक बार फिर उनका बल्ला खामोश रहा, तो टेस्ट क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों पर बहस और तेज हो सकती है।