KNEWS DESK- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार हो गई है। उन्होंने बताया कि आज दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। CJP के अनुसार, बैठक के लिए किसी तटस्थ स्थान की मांग की गई थी, जिस पर सरकार ने सहमति जताई है।
सौरव दास ने कहा कि यह बातचीत छात्रों से जुड़े मुद्दों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ संवाद का रास्ता खुलना सकारात्मक कदम है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन फिलहाल जारी रहेगा। इससे पहले NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना 26 दिन लंबा उपवास समाप्त कर दिया। वांगचुक ने यह फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुई मुलाकात के बाद लिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक को सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद वांगचुक ने अपना उपवास खत्म करने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के उपवास खत्म करने के बाद उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह मानने और जल्द स्वस्थ होने की अपील की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है। उन्होंने बताया कि सरकार संसद में पेपर लीक और परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है।
नड्डा ने यह भी कहा कि हाल के NEET पेपर लीक मामलों से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। वहीं, सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिन बाद अपना उपवास समाप्त किया। उन्होंने कहा कि लंबी बातचीत और देश में किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
हालांकि, CJP ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। पार्टी ने कहा कि सोनम वांगचुक का उपवास खत्म होना राहत की बात है, लेकिन जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के संघर्ष और धैर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने 26 दिनों तक उपवास रखकर छात्रों के मुद्दों को देश के सामने मजबूती से रखा है। दिपके ने यह भी कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक CJP का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
अब सभी की नजर आज होने वाली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की बैठक पर है, जहां सरकार और CJP के बीच छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।