छात्रों के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, महाराष्ट्र में किया 2 घंटे का मौन आंदोलन

KNEWS DESK – सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन सत्याग्रह किया। उनका यह विरोध प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे समाप्त हुआ। हजारे ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया और इसके बाद अपने गांव रालेगण सिद्धि लौट गए।

इससे एक दिन पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा कि हिंसा और छात्रों पर हुई कार्रवाई की खबरें बेहद दुखद हैं और सरकार को इस मामले को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानने के बजाय छात्रों की पीड़ा और उनकी अपेक्षाओं के रूप में देखना चाहिए।

‘मंत्री के इस्तीफे से सरकार नहीं गिरती’

अपने पत्र में अन्ना हजारे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिए बिना कहा कि यदि किसी मंत्री से जवाबदेही तय करते हुए इस्तीफा मांगा जाता है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होती, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, भरोसे का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चिंता

हजारे ने पत्र में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET का उल्लेख करते हुए कहा कि 2024 और फिर 2026 में प्रश्नपत्र लीक और गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने परीक्षा रद्द होने के बाद 22 छात्रों की कथित आत्महत्या की खबरों पर भी गहरी चिंता जताई।

उन्होंने लिखा कि जब भी किसी परीक्षा में अनियमितता या घोटाला सामने आता है, तो उसकी जिम्मेदारी अक्सर निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल दी जाती है, जबकि सफलता का श्रेय सरकार अपने नाम कर लेती है। उनका कहना था कि इस प्रवृत्ति को बदलने और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है।

‘विरोध को कानून-व्यवस्था का मुद्दा न बनाया जाए’

अन्ना हजारे ने सरकार से आग्रह किया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में देखा जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ संवाद और जवाबदेही के जरिए ही इस विवाद का स्थायी समाधान निकल सकता है।

सरकार ने दिया बातचीत का प्रस्ताव

उधर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर से गुरुवार दोपहर तक चार बार बातचीत का प्रस्ताव दिया जा चुका है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील हैं। मैं छात्रों से विनम्र आग्रह करता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं। सरकार उनकी शर्तों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार है।”

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