जौहर विश्वविद्यालय एवं नालंदा छात्र आंदोलन के मुद्दे पर एसएफ़आई ने राज्यपालों के नाम सौंपे ज्ञापन

कानपुर, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई), कानपुर जिला कमेटी ने आज जिलाधिकारी, कानपुर नगर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश तथा महामहिम राज्यपाल, बिहार के नाम दो पृथक ज्ञापन सौंपे। संगठन ने एक ओर मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के संबंध में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण/विध्वंसात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की, वहीं दूसरी ओर बिहार के नालंदा जनपद में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता कांति कुमारी सहित 39 लोगों की गिरफ्तारी के संबंध में निष्पक्ष जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई की मांग उठाई।

उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम प्रेषित ज्ञापन में एसएफ़आई ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वर्तमान और भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण उच्च शिक्षण संस्थान है। संगठन ने मांग की कि विश्वविद्यालय के संबंध में प्रस्तावित किसी भी ध्वस्तीकरण अथवा विध्वंसात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, संपूर्ण प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए तथा विद्यार्थियों की शिक्षा, परीक्षाओं, शोध कार्य, डिग्रियों एवं शैक्षणिक भविष्य की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रशासनिक अथवा विधिक कार्रवाई का संचालन संविधान, प्रचलित कानून तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाना चाहिए।

बिहार के महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने नालंदा जनपद में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर आयोजित शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता कांति कुमारी सहित 39 लोगों की गिरफ्तारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में संपूर्ण प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने, गिरफ्तारी अथवा निरुद्ध किए जाने की कार्रवाई में यदि किसी प्रकार की विधिक या प्रक्रियागत अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों को विधि के अनुरूप आवश्यक राहत प्रदान करने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग की गई कि गिरफ्तार छात्र-युवाओं की शिक्षा, परीक्षाएँ एवं शैक्षणिक भविष्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हों। साथ ही नालंदा जिला मुख्यालय के समीप डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग पर सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लिए जाने का भी आग्रह किया गया।

इस अवसर पर जिला सहसंयोजक आराध्य बाजपेयी ने कहा कि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला है और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े प्रत्येक निर्णय में संविधान, विधि के शासन तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की गरिमा, विद्यार्थियों के अधिकारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक संवैधानिक संस्था का दायित्व है।

जिला संयोजक महबूब आलम ने कहा कि एसएफ़आई शिक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े प्रत्येक प्रश्न का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और विधिसम्मत तरीके से किया जाना चाहिए। संगठन आगे भी सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत बनाने, छात्र अधिकारों की रक्षा करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीकों से अपना संघर्ष जारी रखेगा।

कार्यक्रम में महबूब आलम, आराध्य बाजपेयी, अश्वनी मिश्रा, जुनैद मंसूरी, वैष्णवी सक्सेना, मोहम्मद अल्ताफ, मरियम जमील, आदर्श कुमार, मोहम्मद अदनान सहित अन्य छात्र-युवा साथी उपस्थित रहे।

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