KNEWS DESK – आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। कपड़े, दवाइयां और घर का सामान ही नहीं, बल्कि ज्वेलरी भी बड़ी संख्या में ऑनलाइन खरीदी जा रही है। लेकिन अब आर्टिफिशियल ज्वेलरी को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि कुछ नकली गहनों में खतरनाक स्तर तक कैडमियम जैसे जहरीले मेटल पाए गए हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में ऑनलाइन और लोकल मार्केट में बिकने वाली कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी की जांच की गई। इसमें कई प्रोडक्ट्स में कैडमियम की मात्रा तय सीमा से कई हजार गुना ज्यादा पाई गई।
यूके के नियमों के अनुसार, आर्टिफिशियल ज्वेलरी में कैडमियम की मात्रा 0.01 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन जांच में कुछ नेकलेस, रिंग और इयररिंग्स में इसकी मात्रा बेहद ज्यादा मिली। कुछ प्रोडक्ट्स में कैडमियम की मात्रा कथित तौर पर 9000 गुना तक ज्यादा पाई गई।
एक अंगूठी को 925 सिल्वर बताकर बेचा जा रहा था, जिसमें 92.5 फीसदी चांदी होने का दावा किया गया था। लेकिन जांच में उसमें बड़ी मात्रा में कैडमियम मिलने की बात सामने आई। वहीं, एक ब्रेसलेट में भी तय सीमा से हजारों गुना ज्यादा कैडमियम पाए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
कैडमियम से कैंसर और ऑर्गन डैमेज का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कैडमियम एक जहरीली धातु है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के अनुसार, ज्यादा मात्रा में कैडमियम के संपर्क में आने से कैंसर के अलावा किडनी और लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह धातु शरीर में पहुंचकर हड्डियों को भी कमजोर कर सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
इयररिंग्स से ज्यादा खतरा क्यों?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आर्टिफिशियल ज्वेलरी में इयररिंग्स ज्यादा जोखिम वाली हो सकती हैं, क्योंकि ये सीधे त्वचा के संपर्क में रहती हैं। कान में छेद होने के कारण जहरीले मेटल के शरीर में पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।
लंबे समय तक ऐसी ज्वेलरी पहनने से त्वचा पर एलर्जी, जलन और अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
भारत में भी बढ़ी चिंता
भारत में आर्टिफिशियल ज्वेलरी का इस्तेमाल काफी बड़े स्तर पर किया जाता है। कम कीमत और नए-नए डिजाइन की वजह से युवा वर्ग में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि यहां भी ज्वेलरी की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली धातुओं की जांच जरूरी है।