‘मांगा जवाब तो मिली लाठियां…’ छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, अखिलेश भी बरसे

KNEWS DESK – कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो अभियान के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार से सवाल पूछे हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युवाओं के मुद्दों को लेकर घेरते हुए कहा कि देश के छात्र पेपर लीक जैसी समस्याओं से परेशान हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल हैं, लेकिन जब छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं तो उन्हें लाठी और हिरासत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि अपने हक की आवाज उठाने वाले छात्रों को परेशान किया जा रहा है।

वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा घायल हुए हैं और यह सरकार की बड़ी विफलता है। अखिलेश ने नीट परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी लाठीचार्ज की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो पुलिस बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी। थरूर ने कहा कि बिना हिंसा के हो रहे विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं है।

संसद में विपक्ष की मांगों को लेकर भी शशि थरूर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा और अन्य मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि संसद का उद्देश्य ही जनता से जुड़े सवालों पर बातचीत करना है।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर CJP समर्थकों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली में संसद मार्च का आयोजन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। अब इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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