जांच निष्पक्ष हो….. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

KNEWS DESK- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने जांच की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल रहे। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कोर्ट के निर्देश के अनुसार मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है।

तुषार मेहता ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस संबंध में कुछ गिरफ्तारियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने शुरुआती जांच की थी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जांच की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद पूछा कि वर्तमान में मामले की जांच कौन कर रहा है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अब पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती जांच के लिए गठित SIT में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया था, जिसमें दो IAS अधिकारी भी शामिल थे।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने पूछा कि क्या SIT का पुनर्गठन किया जा सकता है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

SIT के पुनर्गठन का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए SIT के पुनर्गठन का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस ने सुझाव दिया कि पिछली SIT में शामिल किसी अनुभवी अधिकारी को नई SIT का नेतृत्व सौंपा जा सकता है, क्योंकि उन्हें मामले की शुरुआती जानकारी है।

कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी को पूरी निष्पक्षता के साथ काम करना होगा और किसी भी तरह के दबाव या राजनीतिक प्रभाव से बचना होगा।

याचिकाकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी शामिल थीं, जिनके गायब होने की बात सामने आई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनके पास इससे संबंधित रसीदें भी मौजूद हैं।

याचिकाकर्ताओं ने मामले की जांच में अधिक पारदर्शिता की मांग की और कहा कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए।

‘यह मंच राजनीति के लिए नहीं’

सुनवाई के दौरान जब एक वकील ने बीच में अपनी बात रखने की कोशिश की तो चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि अदालत का मंच राजनीति के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट केवल जांच और तथ्यों के आधार पर मामले को देखेगा।

चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि अदालत जांच रिपोर्ट और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

अगली सुनवाई अगले सोमवार

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख अगले सोमवार तय की है। कोर्ट ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होनी चाहिए और मामले में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब सभी की नजरें नई SIT की जांच और उसकी प्रगति रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *