KNEWS DESK- NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद OMR शीट में बदलाव को लेकर विवाद बढ़ गया है। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उनकी OMR शीट में बदलाव किया गया, जिसके कारण उनके स्कोर में अंतर आया। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कुछ मामलों की जांच के बाद इन दावों को गलत बताया है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अगर OMR शीट को लेकर शिकायतें रिजल्ट से पहले ही सामने आ गई थीं तो फिर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पूरे मामले ने एक बार फिर NTA की परीक्षा प्रक्रिया और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े एग्जाम के रिजल्ट से पहले आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, ताकि बाद में विवाद की स्थिति न बने।
NEET UG 2026 रिजल्ट जारी होने से कुछ दिन पहले ही ओडिशा की छात्रा अंजलि प्रभा राउतराय ने अपनी OMR शीट को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। अंजलि ने दावा किया था कि वेबसाइट से डाउनलोड की गई OMR शीट उनकी नहीं थी, बल्कि उसमें किसी दूसरे उम्मीदवार का रोल नंबर दर्ज था। अंजलि के मुताबिक, उनका असली रोल नंबर अलग था, जबकि डाउनलोड की गई OMR शीट पर किसी अन्य अभ्यर्थी का रोल नंबर दिखाई दे रहा था। उन्होंने इस मामले को लेकर NTA को ईमेल और हेल्पलाइन के जरिए कई बार संपर्क करने का दावा किया, लेकिन उन्हें समय पर कोई समाधान नहीं मिला।
अंजलि का आरोप है कि उन्होंने रिजल्ट जारी होने से पहले ही OMR शीट से जुड़ी समस्या की जानकारी NTA को दे दी थी। इसके बावजूद रिजल्ट जारी कर दिया गया। बाद में जब कई अन्य उम्मीदवारों ने भी OMR शीट और स्कोर को लेकर सवाल उठाए तो मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कई छात्रों ने दावा किया कि रिजल्ट जारी होने के समय उनका स्कोर कुछ और दिख रहा था, लेकिन बाद में उसमें बदलाव नजर आया। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी जांच का विषय है।
विवाद बढ़ने के बाद NTA ने मामले की जांच शुरू की। एजेंसी ने कुछ उम्मीदवारों के दावों को जांच के बाद फर्जी बताया है। NTA का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि छात्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शिकायतें पहले ही मिल गई थीं तो उन्हें रिजल्ट जारी होने से पहले ही जांच के दायरे में लाना चाहिए था।
शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, NEET जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शिकायतों के निपटारे के लिए मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए। उनका कहना है कि उम्मीदवारों की शिकायतों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़े विवाद को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी सवाल उठाया कि फाइनल आंसर-की जारी होने के कुछ समय बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया गया। उनका मानना है कि रिजल्ट घोषित करने से पहले तकनीकी और डेटा से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच होनी चाहिए थी।
NEET UG 2026 का OMR विवाद अब केवल कुछ उम्मीदवारों की शिकायत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बन गया है। छात्र मांग कर रहे हैं कि NTA को शिकायतों की जांच के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी सिस्टम तैयार करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।