Knews Desk- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य के विकास को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के काम करने की गति को देखा है और उन्हें भरोसा है कि बंगाल को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
शाह ने अपने दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने हावड़ा में बनने वाले अमूल डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय में तैयार किए गए ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ के पहले चरण का उद्घाटन किया।
‘बंगाल ने देश को दिशा दिखाई है’
एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल का इतिहास गौरवशाली रहा है। शिक्षा, संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल का योगदान अहम रहा है। उन्होंने कहा कि कभी बंगाल देश के कई क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाता था और अब एक बार फिर राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लंबे संघर्ष के बाद बंगाल में बदलाव का दौर शुरू हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य में विकास को नई गति मिलेगी और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना पूरा होगा।
‘सुवेंदु अधिकारी की कार्यशैली पर भरोसा’
गृह मंत्री ने कहा, “मैंने सुवेंदु जी के काम करने की रफ्तार देखी है। मुझे विश्वास है कि बंगाल को आगे बढ़ने में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल होगा।”
700 करोड़ की लागत से बनेगा अमूल का बड़ा प्लांट
अमित शाह ने हावड़ा फूड पार्क में बनने वाले अमूल बंगाल डेयरी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले इस प्लांट में रोजाना लगभग 30 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। कार्यक्रम में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ को बताया सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा
कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ का उद्घाटन करते हुए शाह ने इसे भारतीय संस्कृति और भाषाओं के संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति उसकी भाषा और शब्दों से जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझना जरूरी है। यह संग्रहालय शब्दों की यात्रा और भारतीय भाषाओं के विकास को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शाह ने लोगों से अपनी मातृभाषा और पारंपरिक संस्कृति से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषा केवल भावनाओं का विषय नहीं बल्कि हमारी पहचान और संस्कारों का हिस्सा है।
AI के दौर में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि भारतीय भाषाओं को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय से अपील की कि भाषाओं के विकास की इस यात्रा को डिजिटल तकनीक तक पहुंचाया जाए, ताकि भारतीय भाषाओं को नए दौर में और मजबूती मिल सके।