उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर कथित तौर पर हाथों में चाकू और चापड़ लेकर स्कूल पहुंच गईं। उनके इस व्यवहार से स्कूल के बच्चे और शिक्षक डर गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है।
Knews Desk- मामला कौशांबी जिले के कड़ा ब्लॉक स्थित लुकिया गांव के प्राथमिक विद्यालय का है। जानकारी के मुताबिक, हेडमास्टर शिखा सिंह शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे स्कूल पहुंचीं। उनके एक हाथ में बड़ा चाकू और दूसरे हाथ में चापड़ था। उन्हें इस हालत में देखकर स्कूल में मौजूद छात्र और स्टाफ घबरा गए।
आरोप है कि हेडमास्टर ने कक्षा में बैठकर बच्चों को हथियार दिखाते हुए डराया-धमकाया। स्कूल स्टाफ ने जब इस बारे में उनसे सवाल किया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। घटना के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर का माहौल बन गया और कई माता-पिता ने बच्चों को स्कूल भेजने से भी मना कर दिया।
शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। सिराथू क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र तिवारी पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के पहुंचने पर भी हेडमास्टर के हाथों में चाकू और चापड़ मौजूद थे।
खंड शिक्षा अधिकारी नीरज उमराव ने बताया कि एक अभिभावक की शिकायत के बाद वह स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हेडमास्टर का रास्ते में भी एक व्यक्ति से विवाद हुआ था। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी गई।
परिवार से बातचीत के बाद लिया गया फैसला
कौशांबी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि हेडमास्टर के व्यवहार को लेकर शिकायतें मिली थीं। परिवार के लोगों से बातचीत में सामने आया कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
‘बंदूक नहीं है इसलिए चाकू रखा है’
वहीं, जब पत्रकारों ने शिखा सिंह से इस मामले को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक रखते हैं, लेकिन उनके पास बंदूक नहीं है इसलिए वह चाकू रखती हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी जान को खतरा है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जो भी उनके साथ अन्याय करेगा, वह उसे छोड़ेंगी नहीं। उनके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। शिक्षा विभाग अब पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है।