कानपुर, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई), कानपुर जिला कमेटी की आपातकालीन बैठक शनिवार को जिला संयोजक महबूब आलम की अध्यक्षता में राम आसरे भवन, कालपी रोड, कानपुर स्थित जिला कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षा, रोजगार, छात्र अधिकारों, लोकतांत्रिक आंदोलनों पर हो रहे दमन तथा संगठन के आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए एसएफ़आई उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी सदस्य, विधि छात्र एवं जिला सहसंयोजक आराध्य बाजपेयी ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवा मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन तथा अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक एवं अन्य छात्र-युवाओं के साहस और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए तथा सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
बैठक में जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए तथा शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति दमनात्मक रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निम्नलिखित मांगें दोहराई गईं—
-प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए।
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक संस्थागत सुधार किए जाएँ।
-शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।
-छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत किया जाए।
-छात्रवृत्ति वितरण में हो रही देरी समाप्त कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
-कानपुर मेट्रो में सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत छात्र किराया रियायत प्रदान की जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत मिल सके।
-कानपुर विश्वविद्यालय सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में 24×7 केंद्रीय पुस्तकालय तथा पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
-शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर रोक लगाकर सार्वजनिक शिक्षा को सशक्त बनाया जाए।
-बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार से संबंधित लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्र-युवाओं के मामलों में विधिसम्मत एवं न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छात्र अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रश्नों पर एसएफ़आई कानपुर आगामी दिनों में व्यापक जनसंपर्क अभियान, छात्र संवाद, हस्ताक्षर अभियान तथा लोकतांत्रिक आंदोलन चलाएगी। संगठन ने छात्र-युवाओं से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। बैठक में मुख्य रूप से महबूब आलम, आराध्य बाजपेयी, जुनैद मंसूरी, अश्वनी मिश्रा, वैष्णवी सक्सेना, मोहम्मद अल्ताफ, मरियम जमील, आदर्श कुमार, मोहम्मद अदनान सहित अन्य छात्र-युवा साथी उपस्थित रहे।