Knews Desk- झारखंड की राजधानी रांची में एक मासूम बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महज 5 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी युवक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 5 साल की बच्ची को अगवा कर लिया और परिवार से 3 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के अंदर बच्ची को बिहार के गया से सुरक्षित बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मुताबिक, 16 जुलाई को नगड़ी थाना क्षेत्र के दलादली ओपी अंतर्गत सपारोम गांव से बच्ची के लापता होने की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई।
कर्ज के पैसे नहीं मिले तो रची अपहरण की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस वारदात का मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा पीड़ित परिवार के घर के पास किराए पर रहता था। आरोपी ने कुछ समय पहले बच्ची की मां से 5 हजार रुपये उधार मांगे थे, लेकिन पैसे नहीं मिलने के बाद उसने बदला लेने और फिरौती वसूलने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उसे रांची के कांटाटोली बस स्टैंड पहुंचा और वहां से बस के जरिए बिहार के गया चला गया। वहां पहुंचने के बाद उसने बच्ची के परिजनों को फोन कर 3 लाख रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
मोबाइल लोकेशन और CCTV से पुलिस ने लगाया सुराग
मामले की जांच में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी की मदद ली। टीम ने करीब 30 से ज्यादा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई।
पुलिस ने गया रेलवे स्टेशन के आसपास कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा के साथ उसके साथी सचिन कुमार और मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, बच्ची परिजनों को सौंपी गई
पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि तीनों के खिलाफ अपहरण, फिरौती मांगने और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ अपहरण की वारदात का खुलासा हुआ, बल्कि समय रहते मासूम बच्ची की जान भी बचा ली गई।