Knews Desk- मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और खुलेआम थूकने की बढ़ती समस्या को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक जगहों पर थूकना लोगों की ऐसी आदत बन चुकी है, जैसे यह कोई सामान्य बात हो। कोर्ट ने इस मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को निर्देश दिया कि सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में कचरा फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन वार्ड अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, जहां लगातार सफाई व्यवस्था खराब पाई जा रही है।
थूकने वालों पर बढ़ेगा जुर्माना
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की घटनाओं को रोकने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। कोर्ट ने बीएमसी से कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ केवल चेतावनी नहीं, बल्कि प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अदालत ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में बार-बार गंदगी की शिकायतें सामने आती हैं, वहां तैनात अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इंदौर की सफाई व्यवस्था का दिया उदाहरण
हाईकोर्ट ने देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन और मजबूत निगरानी से बड़े शहरों को भी साफ रखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद अगर इच्छाशक्ति की कमी हो तो सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।
CCTV से होगी निगरानी
बीएमसी ने कोर्ट को बताया कि वह मुंबई में वर्ष 2025 की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छता से जुड़ी उपविधियों को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रहा है।
वहीं, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने और थूकने वालों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कोर्ट के इन निर्देशों के बाद उम्मीद है कि मुंबई में सफाई अभियान को और मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो सकती है।