RSS ने नंद किशोर गोयनका के निधन पर जताया शोक, कहा- गोसेवा और समाजसेवा को बनाया जीवन का संकल्प

Knews Desk- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता और वरिष्ठ समाजसेवी श्री नंद किशोर गोयनका जी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। संघ ने कहा कि नंद किशोर गोयनका जी ने अपना पूरा जीवन गोसेवा, सामाजिक उत्थान और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया।

96 वर्षीय नंद किशोर गोयनका जी का निधन सोमवार दोपहर मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ था। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर हरियाणा के हिसार स्थित उनके पैतृक निवास पर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 11 बजे हिसार में किया जाएगा। वहीं, अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में भी उनकी अंतिम विदाई की तैयारियां की गई हैं।

मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले ने जताया दुख

RSS प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने नंद किशोर गोयनका जी के निधन पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि वे जीवनभर गोसेवा और विभिन्न सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति प्राप्त हो।

पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. सुभाष चंद्रा को पत्र लिखकर नंद किशोर गोयनका जी के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त की थीं। पीएम मोदी ने कहा कि नंद किशोर गोयनका जी का जीवन मेहनत, सादगी और समाज सेवा का उदाहरण रहा। उन्होंने पारिवारिक व्यवसाय को दिशा देने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा से निभाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा भावना और राष्ट्र प्रथम के विचारों से प्रेरित उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

अग्रोहा धाम के विकास में निभाई अहम भूमिका

नंद किशोर गोयनका जी का जन्म 28 सितंबर 1930 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। उन्होंने अपना जीवन सादगी, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के सिद्धांतों के साथ बिताया। उद्योग जगत से जुड़े परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अपना अधिकतर समय समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में लगाया।

अग्रोहा धाम के निर्माण और विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे अग्रोहा धाम के प्रमुख संस्थापकों में शामिल थे। उनकी दूरदर्शी सोच के चलते अग्रोहा धाम को देश-विदेश में पहचान मिली।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय योगदान

हिसार के सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्र में भी नंद किशोर गोयनका जी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। वे श्री देवी भवन मंदिर गौशाला ट्रस्ट के संरक्षक और श्री वैष्णव अग्रसेन गौशाला के अध्यक्ष व संरक्षक रहे।

उनके निधन से एस्सेल परिवार के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, वैश्य समाज और धार्मिक संस्थाओं में भी शोक की लहर है। सादगी, विनम्रता और सेवा भावना के लिए पहचाने जाने वाले नंद किशोर गोयनका जी का जीवन हमेशा लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।

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