KNEWS DESK – नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में हुई देरी को लेकर अब सियासी विवाद शुरू हो गया है। रेलवे मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि स्टेशन के रेनोवेशन में देरी का एक कारण तत्कालीन दिल्ली सरकार से जरूरी अनुमति नहीं मिलना था।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए पुनर्विकास योजना पर काम कर रही है। इसी के तहत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी कायाकल्प किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट में लंबे समय तक रुकावट आने की बात सामने आई है।
पेड़ों की अनुमति को बताया गया देरी की वजह
रेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि स्टेशन के विकास कार्य के लिए कुछ पेड़ों को हटाना या दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई।
दावा किया जा रहा है कि बाद में रेखा गुप्ता सरकार के कार्यकाल में यह मंजूरी मिलने के बाद स्टेशन के पुनर्विकास कार्य ने तेजी पकड़ी।
हालांकि, इस मामले में अरविंद केजरीवाल या आम आदमी पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना के मुताबिक, इसे जनवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद स्टेशन की क्षमता बढ़कर रोजाना करीब 7 लाख यात्रियों को संभालने की हो जाएगी।
AI कैमरों और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्टेशन
पुनर्विकास योजना के तहत पहाड़गंज और अजमेरी गेट की तरफ मौजूद पुरानी इमारतों को हटाकर दो नई और आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग बनाई जा रही हैं।
इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों के लिए अलग होल्डिंग एरिया, मल्टी-लेवल पार्किंग, बेहतर यात्री सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। स्टेशन का कुल निर्मित क्षेत्र भी बढ़ाकर करीब 1.09 लाख वर्ग मीटर किया जा रहा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को संभालने में भी मदद मिलेगी।