उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर सियासी घमासान, अखिलेश यादव के आरोपों पर NHAI ने दिया जवाब

Knews Desk- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया कि करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि एक्सप्रेसवे का कोई हिस्सा नहीं धंसा है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, 13 जुलाई को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्नाव से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

अखिलेश यादव ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे का उद्देश्य लोगों को तेज और सुरक्षित यात्रा की सुविधा देना होता है, न कि सफर के दौरान लोग डर के कारण भगवान का नाम जपते रहें।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही खराब हो गया। उन्होंने महाराष्ट्र की एक अन्य सड़क परियोजना का जिक्र करते हुए बीजेपी सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी शासित राज्यों में विकास परियोजनाओं को लेकर भ्रष्टाचार की प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि ऐसी परियोजनाएं लोगों की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं या फिर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सड़क निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किया गया तो लोग छोटी दूरी के सफर पर निकलने से पहले भी सोचने को मजबूर होंगे।

बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार

अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी की उन्नाव जिला इकाई के अध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने कहा कि विपक्ष विकास कार्यों को लेकर बेवजह राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों से परेशान हैं, वे इस तरह के बयान देकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर निर्माण से जुड़ी कोई छोटी-मोटी तकनीकी समस्या सामने आती है तो संबंधित एजेंसी उसे ठीक करने के लिए जिम्मेदार है। बीजेपी नेता ने कहा कि उद्घाटन से पहले इस तरह के आरोप लगाना केवल राजनीतिक दुर्भावना को दिखाता है।

NHAI ने दावों को किया खारिज

एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने भी एक्सप्रेसवे धंसने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे का मुख्य मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और कहीं भी कोई धंसाव नहीं हुआ है। nउन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जिन तस्वीरों और वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है, वह एक्सप्रेसवे की मुख्य सड़क नहीं बल्कि किनारे की मिट्टी से जुड़ा मामला है। उन्होंने इसे सामान्य रखरखाव का हिस्सा बताया। NHAI अधिकारी ने कहा कि सड़क की मजबूती और यातायात सुरक्षा पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। संबंधित हिस्से की मरम्मत कर दी गई है और उद्घाटन से पहले सभी जरूरी तकनीकी जांच पूरी कर ली गई हैं।

63 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेसवे

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा है और यह प्रदेश की राजधानी लखनऊ को औद्योगिक शहर कानपुर से जोड़ेगा। इस परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को कम करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

NHAI का कहना है कि एक्सप्रेसवे सभी गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। वहीं, विपक्ष लगातार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहा है। अब उद्घाटन के बाद आम जनता के इस्तेमाल से ही साफ होगा कि एक्सप्रेसवे की वास्तविक स्थिति क्या है।

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