कैमरे की क्लिक से चीख-पुकार तक… वियतनाम बोट हादसे में बचे यात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी

Knews Desk– वियतनाम के फू क्वोक द्वीप पर हुए दर्दनाक टूरिस्ट बोट हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शनिवार 11 जुलाई 2026 को समुद्र में एक पर्यटक नाव पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे के समय नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 स्थानीय क्रू सदस्य शामिल थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हादसे में बचे यात्रियों ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि कुछ मिनट पहले तक सभी लोग यात्रा का आनंद ले रहे थे, तस्वीरें खींच रहे थे और समुद्र के खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद कर रहे थे। लेकिन अचानक आई एक बड़ी लहर ने सबकुछ बदल दिया और खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।

अचानक आई लहर और पलट गई नाव

तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगाराज ने बताया कि नाव समुद्र में करीब 2 किलोमीटर अंदर पहुंच चुकी थी, तभी अचानक एक तेज लहर आई। लहर के कारण नाव एक तरफ झुक गई और देखते ही देखते यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।

उन्होंने बताया कि नाव पलटने के बाद अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकलने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कुछ लोग खिड़की के रास्ते बाहर निकले और नाव की रेलिंग पकड़कर अपनी जान बचाने की कोशिश की। मुरुगाराज के अनुसार, हादसे के कुछ ही मिनटों बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया, जिससे कई लोगों की जान बच सकी।

तस्वीरें खींच रहे थे, तभी बदल गई जिंदगी

आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी 48 वर्षीय आशीष कुमार ने हादसे का आंखों देखा हाल बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को अलग-अलग समूहों में द्वीप की सैर के लिए ले जाया गया था। हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ।

आशीष ने बताया कि उस समय यात्री समुद्र और आसपास के खूबसूरत नजारों की तस्वीरें ले रहे थे। नाव ने अभी कुछ ही दूरी तय की थी कि अचानक वह पलट गई। किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला और कुछ ही पलों में खुशियों भरी यात्रा एक भयानक हादसे में बदल गई।

समुद्र में ऊंची लहरों से बढ़ा खतरा

तमिलनाडु के एक अन्य यात्री निर्मल कुमार ने बताया कि हादसे के समय समुद्र में काफी ऊंची लहरें थीं। उन्होंने आशंका जताई कि खराब मौसम या नाव में यात्रियों की संख्या अधिक होने की वजह से संतुलन बिगड़ा हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हादसे की आधिकारिक वजह की पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के मुताबिक, यह यात्रा मोबाइल कंपनी लावा मोबाइल्स की ओर से अपने बेहतर प्रदर्शन करने वाले डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए रिवॉर्ड ट्रिप के तौर पर आयोजित की गई थी। हादसे की सूचना मिलने के बाद कंपनी ने भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया। लावा मोबाइल्स ने बयान जारी कर कहा कि भारत और वियतनाम में उसकी टीमें प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी मृतकों के शवों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में भी सहयोग कर रही है।

शवों को भारत लाने की तैयारी

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि हादसे में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 लोगों की मौत हुई है। संबंधित राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर मृतकों के शवों को जल्द भारत लाने और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की दिशा में काम कर रही हैं।

विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है, जो अपने खूबसूरत समुद्र तटों, कोरल रीफ और आइलैंड टूर के लिए दुनियाभर में मशहूर है। हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक यहां घूमने पहुंचते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री पर्यटन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल अधिकारी हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

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