Knews Desk- मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मेरठ पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए उन्हें बुलंदशहर जिले के गांव इस्माइलपुर स्थित उनके मायके में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूनम पंडित भी मेरठ जाने वाली थीं। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके मायके में ही हाउस अरेस्ट कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, मेरठ पुलिस की टीम देर रात करीब दो बजे बुलंदशहर के गांव इस्माइलपुर पहुंची और पूनम पंडित को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद से वह पुलिस की निगरानी में अपने आवास पर ही हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को रोकने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही नेताओं को रोकने की कार्रवाई की गई। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। गौरतलब है कि मेरठ में 15 जून को दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बनाया था।
पूनम पंडित को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस मामले को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हाउस अरेस्ट की कार्रवाई किन परिस्थितियों और किन कानूनी प्रावधानों के तहत की गई। पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी की नजर अब इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और कांग्रेस आगे क्या कदम उठाती है।