लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षा मानकों पर खरे न उतरने वाली करीब 150 इमारतों को सील कर दिया था. ये कार्रवाई मुख्य रूप से फायर सेफ्टी के इंतजामों में कमी और अवैध निर्माण के चलते की गई थी.
Knews Desk- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने करीब 150 भवनों को सील कर दिया था. इन इमारतों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे या फिर निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया था. अब इन भवन मालिकों को बड़ी राहत मिलने लगी है.
सख्ती के बाद राहत की पहल
अग्निकांड के बाद LDA ने शहरभर में अभियान चलाकर उन इमारतों पर कार्रवाई की थी, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी. इस कार्रवाई का असर व्यापारिक और आवासीय गतिविधियों पर भी पड़ा. इसके बाद भवन मालिकों ने सुरक्षा संबंधी सभी मानकों को पूरा करने का भरोसा दिया, जिसके चलते प्राधिकरण ने राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
शपथ पत्र देने पर हटाई जा रही सील
नई व्यवस्था के तहत LDA भवन मालिकों से शपथ पत्र ले रहा है, जिसमें उन्हें यह आश्वासन देना होगा कि वे फायर सेफ्टी से जुड़े सभी नियमों का पालन करेंगे और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे. इसी प्रक्रिया के तहत बीते एक सप्ताह में करीब 50 इमारतों की सील हटाई जा चुकी है. हालांकि यह राहत पूरी तरह सशर्त है. यदि भविष्य में किसी भी इमारत में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो LDA दोबारा कार्रवाई कर सकेगा.
बाकी इमारतों की भी हो रही जांच
प्राधिकरण अब शेष सील इमारतों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा कर रहा है. अधिकारियों की टीम प्रत्येक भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, एनओसी और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है. सभी मानकों के संतोषजनक पाए जाने के बाद ही संबंधित इमारत की सील हटाने का फैसला लिया जाएगा. LDA का कहना है कि उसका उद्देश्य शहर में सुरक्षा सुनिश्चित करना है, साथ ही लोगों को अनावश्यक परेशानियों से भी बचाना है.