Knews Desk– बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए बागवानी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में राज्य में नारियल की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई “नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27” शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को नारियल के उन्नत किस्म के पौधे 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कम लागत में लंबी अवधि की लाभकारी खेती को बढ़ावा मिल सके।
योजना के तहत राज्य के कुछ जिलों में पायलट आधार पर पौधों का वितरण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर सीवान जिले में 1000 पौधों के वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा, यानी जो किसान पहले आवेदन करेंगे और पात्र पाए जाएंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।
सीवान के जिला उद्यान पदाधिकारी विपिन पोद्दार के अनुसार नारियल एक दीर्घकालिक फसल है, जो किसानों को वर्षों तक स्थायी आय देने में सक्षम है। उनका कहना है कि इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी आधारित खेती को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आमदनी के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जा सकें। पौधों की आपूर्ति नारियल विकास बोर्ड, पटना के माध्यम से की जाएगी। लागत की बात करें तो एक नारियल पौधे की कुल कीमत 85 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सरकार 75 प्रतिशत यानी 63.75 रुपये की सब्सिडी देगी, जबकि किसान को केवल 21.25 रुपये प्रति पौधा देना होगा। कम लागत और अधिक अनुदान के कारण यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है।
योजना के तहत पौधों की संख्या भी निर्धारित की गई है। एक किसान को न्यूनतम 5 पौधे और अधिकतम 712 पौधे तक दिए जा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक हेक्टेयर भूमि में लगभग 178 नारियल पौधों का रोपण किया जा सकता है। किसान अपनी खाली जमीन, बाड़ी, खेत के किनारे या घर के आसपास उपलब्ध स्थान पर भी नारियल के पौधे लगा सकते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन केवल बिहार कृषि ऐप के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए किसान का बिहार का निवासी होना आवश्यक है, साथ ही उनका किसान पंजीकरण (DBT ID) होना चाहिए। इसके अलावा पौधारोपण के लिए उपयुक्त भूमि का होना भी जरूरी है।
आवेदन के समय किसानों को आधार कार्ड, किसान पंजीकरण संख्या, भूमि की अद्यतन रसीद, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। विभाग ने किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है क्योंकि पौधों की संख्या सीमित है। उद्यान विभाग का मानना है कि इस योजना से राज्य में बागवानी क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा। नारियल जैसी नकदी फसलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।