JEE Advanced: फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे बेटे के लिए मां बनीं टीचर, अब मिला IIT दिल्ली में दाखिला

Knews Desk- कहते हैं कि सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि परिवार के साथ और हौसले से भी मिलती है। इसकी मिसाल बने हैं बिहार के सीतामढ़ी निवासी गुंजन कुमार, जिन्होंने गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद JEE Advanced 2026 में सफलता हासिल कर IIT दिल्ली में कंप्यूटर साइंस (CS) शाखा में प्रवेश सुनिश्चित किया है। इस सफलता के पीछे उनकी मां गुंजा की मेहनत और समर्पण की बड़ी भूमिका रही।गुंजन जेईई मेन परीक्षा से करीब तीन महीने पहले न्यूमोथोरेक्स (फेफड़े का कोलैप्स होना) से पीड़ित हो गए थे। डॉक्टरों ने उन्हें लंबे समय तक बेड रेस्ट की सलाह दी। बीमारी के कारण वह नियमित कोचिंग क्लास में नहीं जा सके। ऐसे में उनकी मां ने बेटे की पढ़ाई रुकने नहीं दी और खुद ऑनलाइन क्लासें देखकर उसके लिए विस्तृत नोट्स तैयार करने शुरू कर दिए।

मां बनीं बेटे की टीचर

गुंजन की मां गुंजा ने न सिर्फ ऑनलाइन लेक्चर देखे, बल्कि हर विषय के महत्वपूर्ण नोट्स भी तैयार किए। बाद में इन्हीं नोट्स के सहारे गुंजन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और परीक्षा की तैयारी पूरी की। मां और बेटे की इस साझी मेहनत का नतीजा यह रहा कि गुंजन ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल कर ली।गुंजा बताती हैं कि जब बेटे की तबीयत खराब हुई तो वह चिंतित जरूर थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने बेटे के साथ बैठकर वीडियो लेक्चर देखे, पढ़ाई को समझा और आसान भाषा में नोट्स तैयार किए ताकि गुंजन बिना ज्यादा परेशानी के तैयारी कर सके।

बिहार से कोटा तक का सफर

गुंजन कुमार मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं। उनकी आंखों की रोशनी भी काफी कमजोर है और उन्हें 9.5 नंबर का चश्मा लगाना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना नहीं छोड़ा।वर्ष 2023 में वह अपनी मां के साथ कोटा आए, जहां उन्होंने दो साल तक जेईई की तैयारी की। बताया जाता है कि 2021 के जेईई टॉपर मृदुल अग्रवाल की सफलता की कहानी से प्रेरित होकर गुंजन ने कोटा जाकर पढ़ाई करने का फैसला किया था।

परिवार ने दिया पूरा साथ

गुंजन की मां गुंजा ने बीएड किया है, लेकिन लंबे समय से गृहिणी हैं। बेटे की पढ़ाई के लिए वह कोटा में उसके साथ रहने लगीं। वहीं उनके पिता राजनारायण प्रसाद सीमा सड़क संगठन (BRO) में इंजीनियर हैं और परिवार का पूरा सहयोग गुंजन को मिलता रहा। गुंजन का छोटा भाई भी फिलहाल कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा है।

IIT दिल्ली में मिला कंप्यूटर साइंस

गुंजन ने 10वीं में 82.5 प्रतिशत और 12वीं में 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। जेईई मेन 2026 में उन्होंने 91.8 पर्सेंटाइल हासिल की। वहीं JEE Advanced में उन्होंने OBC-PwD श्रेणी में 50वीं रैंक और कॉमन PwD रैंक 120 प्राप्त की। अब उन्हें IIT दिल्ली में कंप्यूटर साइंस (CS) शाखा में दाखिला मिल रहा है।अपनी सफलता पर गुंजन कहते हैं, “परिस्थितियां हमेशा हमारे पक्ष में नहीं होतीं। असली परीक्षा सिर्फ पढ़ाई की नहीं, बल्कि हिम्मत और धैर्य की भी होती है।”यह कहानी बताती है कि कठिन हालात चाहे कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, यदि परिवार का साथ, मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत हो, तो बड़े से बड़ा सपना भी पूरा किया जा सकता है। गुंजन और उनकी मां की यह सफलता हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *