Bharat Tiwari: भरत तिवारी के जाने के बाद भी सवाल बरकरार, देर रात 11 बजे कार से घर के आसपास क्यों लग रहे हैं चक्कर? आखिर क्या है पूरा मामला?

Bharat Tiwari: भरत भूषण तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. उनके परिवार ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया. लगातार न्याय की मांग की जा रही है. इसी बीच अब उनके परिवार को खतरा मेहसूस हो रहा है. परिवार का कहना है कि कोई अज्ञात कार हर रात 11 बजे के बाद घर का चक्कर लगा रही है.

Knews Desk- भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद उनका परिवार पहले से ही सदमे और चिंता में था। इसी बीच परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीते कुछ दिनों से उनके घर के आसपास देर रात लगभग 11 बजे एक बिना नंबर प्लेट वाली चारपहिया गाड़ी लगातार चक्कर लगा रही है। उनका कहना है कि जैसे ही घर के सदस्य बाहर आते हैं, वाहन में सवार लोग तुरंत वहां से तेज रफ्तार में निकल जाते हैं। इस घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसे परिवार ने संदिग्ध गतिविधि और रेकी की आशंका से जोड़ते हुए सुरक्षा की मांग की है।

भरत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे और 17 जून को एक कथित पुलिस एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ही उनका परिवार न्याय की मांग कर रहा है और इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों पर सख्त कदम उठाने की अपील कर रहा है। अब घर के बाहर इस तरह की संदिग्ध गाड़ी के बार-बार दिखाई देने से परिजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। परिवार ने इस पूरे मामले की जानकारी स्थानीय थाने के साथ-साथ जगदीशपुर एसडीपीओ को भी दे दी है।

भरत के परिवार से मिले मंत्री अशोक चौधरी

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, माता आशा देवी और अन्य परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया। साथ ही मंत्री ने भरत के दोनों भाइयों को अपना पहचान पत्र सौंपते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वे सीधे उनके कार्यालय में आकर संपर्क कर सकते हैं।

मां का गंभीर आरोप

मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी संजीत कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या उनके सामने ही करवाई गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि वे पहले भी परिवार से मिलने की इच्छा रखते थे, लेकिन ब्राह्मण परिवार में हुई असामयिक मृत्यु के बाद चल रहे धार्मिक कर्मकांड और तेरहवीं के कारण उन्होंने इंतजार किया। तेरहवीं संपन्न होने के बाद ही वे परिजनों से मिलने पहुंचे।

आमरण अनशन की चेतावनी

भरत की मां आशा देवी लगातार दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग कर रही हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है और कई नेताओं का परिवार से मिलने का सिलसिला जारी है। एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने कहा है कि जब भरत ने कथित तौर पर आत्मसमर्पण कर पुलिस के सामने हथियार फेंक दिया था, तो फिर उन्हें गोली क्यों मारी गई।घटना के करीब 18 दिन बाद भरत की मां और बहन ने प्रेस वार्ता कर सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि 8 जुलाई तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे 9 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *