रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को मुंबई में विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन तक बनने वाली भूमिगत सुरंग की खुदाई की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत यह पहली बार होगा जब टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल इस काम में किया जा रहा है।
Knews Desk- देश में रेल यात्रा को अधिक आसान और तेज बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बन रही भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की सुरंग का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार (5 जुलाई) को मुंबई में विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन तक भूमिगत टनल की खुदाई की शुरुआत करेंगे।
इस परियोजना में पहली बार ‘टनल बोरिंग मशीन’ (TBM) का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत बनने वाली यह सुरंग कुल 20.37 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे से गुजरेगा।
रेल यात्रा को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम
देश में रेल यात्रा को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ा एक अहम अपडेट सामने आया है, जिसमें भूमिगत सुरंग निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना देश की पहली हाई-स्पीड रेल लाइन के रूप में विकसित की जा रही है।
20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माणइस परियोजना के तहत कुल 20.37 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है। इसमें करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे से होकर गुजरेगा, जो इसे तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण बनाता है। सुरंग को जमीन के स्तर से लगभग 65 मीटर की गहराई पर तैयार किया जा रहा है।
320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
यह परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई–अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेनें लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इतनी तेज गति से दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे लंबी यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी की जा सकेगी। यह देश के रेल नेटवर्क में एक बड़ा तकनीकी बदलाव माना जा रहा है।
तेज रफ्तार के साथ यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस सफर का अनुभव मिलेगा, जिसमें आराम, सुरक्षा और समय की बचत प्रमुख होगी। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच आवागमन न सिर्फ तेज होगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी।
खास TBM मशीनों से होगा निर्माण कार्य
इस निर्माण कार्य के लिए जर्मनी में विशेष रूप से तैयार की गई दो टनल बोरिंग मशीनें (TBM) मार्च 2026 में समुद्री मार्ग से भारत लाई गई थीं। इन मशीनों का संचालन एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कुल सुरंग का बड़ा हिस्सा इन्हीं मशीनों की मदद से तैयार किया जाएगा, जबकि कुछ हिस्सा पहले ही ड्रिल-एंड-ब्लास्ट तकनीक से पूरा किया जा चुका है।
BKC और शिलफाटा को जोड़ेगी सुरंग
यह भूमिगत सुरंग बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और शिलफाटा को आपस में जोड़ने का काम करेगी। निर्माण के दौरान पहली TBM विक्रोली से BKC की दिशा में काम करेगी, जबकि दूसरी मशीन सावली से विक्रोली तक खुदाई करेगी। इसमें समुद्र के नीचे वाला हिस्सा भी शामिल है, जो परियोजना को और जटिल बनाता है।
रेल मंत्री करेंगे संचालन की शुरुआत
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एक बटन दबाकर इन TBM मशीनों के संचालन की शुरुआत करेंगे। यह कदम परियोजना के अगले बड़े चरण की शुरुआत माना जा रहा है।