पेरिस में Heatwave का कहर, AC के लिए IKEA शोरूम बना लोगों का नया ठिकाना

Knews Desk: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मशहूर फर्नीचर कंपनी IKEA के एयर-कंडीशंड शोरूम में बैठकर और लेटकर गर्मी से राहत लेते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो न केवल लोगों के अनोखे जुगाड़ को दिखाता है, बल्कि यूरोप में बढ़ती हीटवेव की गंभीरता भी सामने लाता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग IKEA स्टोर में खरीदारी करने नहीं, बल्कि सिर्फ ठंडी हवा का आनंद लेने पहुंचे हैं। शोरूम में रखे डिस्प्ले सोफे, बेड, गद्दे और रेकलाइनर लोगों से भरे हुए दिखाई देते हैं। कई लोग आराम से लेटे हुए मोबाइल चला रहे हैं, कुछ आपस में बातचीत कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग छोटे हाथ वाले पंखों से खुद को हवा करते भी नजर आते हैं। पूरा माहौल किसी सार्वजनिक विश्राम स्थल जैसा दिखाई देता है।दरअसल, यूरोप के कई देशों में इस समय तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और दक्षिणी इंग्लैंड के कई हिस्सों में तापमान 30 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। कई शहरों में प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

पेरिस में बड़ी संख्या में घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते, क्योंकि पारंपरिक रूप से वहां इतनी भीषण गर्मी नहीं पड़ती थी। लेकिन बदलते मौसम और लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों को नए तरीके अपनाने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में एयर-कंडीशंड सार्वजनिक स्थान, मॉल और बड़े स्टोर लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गए हैं। IKEA जैसे बड़े शोरूम में मुफ्त में ठंडी हवा मिलने के कारण वहां लोगों की भीड़ बढ़ती दिखाई दे रही है।जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी के पीछे सबसे बड़ी वजह क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) है। उनके अनुसार, उत्तरी अफ्रीका से आने वाली गर्म हवाएं और साफ आसमान यूरोप में लंबे समय तक गर्मी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में हीटवेव पहले की तुलना में अधिक बार, अधिक तीव्र और ज्यादा लंबे समय तक रहने वाली हो सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में आई इस गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। फ्रांस में कुछ ही दिनों के भीतर गर्मी से जुड़ी घटनाओं के कारण करीब 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज होने की बात सामने आई है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।पेरिस का वायरल वीडियो लोगों के लिए भले ही एक दिलचस्प दृश्य हो, लेकिन यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर की ओर भी इशारा करता है। जिस तरह लोग गर्मी से बचने के लिए फर्नीचर शोरूम को आरामगाह बना रहे हैं, वह बताता है कि दुनिया के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तापमान पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में ऐसी हीटवेव और भी अधिक खतरनाक रूप ले सकती हैं।

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