Knews Desk- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से राज्य की राजनीति में पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का नारा देते आ रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में इसी पीडीए फॉर्मूले ने भारतीय जनता पार्टी को कड़ी चुनौती दी थी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज बुधवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती सहित कई शीर्ष नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दी गई जन्मदिन की बधाई ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। इस मौके पर राहुल गांधी ने आज अखिलेश को दिए अपने शुभकामना संदेश में सियासी तड़के को भी शामिल करने की कोशिश की. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं और अगले साल यूपी में होने वाले चुनाव में मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. हालांकि सीट शेयरिंग को लेकर दोनों ओर से नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं.
जन्मदिन की बधाई मे PDA की बात
लेकिन राहुल गांधी ने अखिलेश के जन्मदिन पर पीडीए का जिक्र कर दोनों पक्षों को अपना संदेश दे दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में कहा, “अखिलेश जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई. PDA की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिल कर पूरा करेंगे. अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं.”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में पीडीए (PDA) का नारा देते आ रहे हैं, जिसका अर्थ है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक। 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी पीडीए फॉर्मूले ने भाजपा को बड़ा झटका दिया था और सपा ने राज्य में सबसे अधिक 37 सीटें जीतकर राजनीतिक समीकरणों को चौंका दिया था।
कांग्रेस-सपा गठबंधन में बयानबाजी तेज
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच पीडीए फॉर्मूले के तहत गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं, हालांकि सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद भी सामने आ रहे हैं।कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में दावा किया था कि पार्टी प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, जिससे गठबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि सीट बंटवारा 50-50 के फॉर्मूले पर होना चाहिए, ताकि दोनों दलों को बराबर हिस्सेदारी और सम्मान मिल सके।