डिजिटल डेस्क- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस का एक्शन अब और तेज हो गया है। मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत मामले के सभी आठ आरोपियों के घरों पर रविवार सुबह पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। ये सभी 8 आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस की कई टीमें इन आरोपियों के ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि चोरी किए गए चढ़ावे और धन से जुड़े अहम सुराग जुटाए जा सकें। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस की 6 अलग-अलग टीमों ने एक साथ सभी आरोपियों के घरों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के घर पहुंची। हालांकि, छापेमारी के दौरान टिन्नू यादव के घर पर ताला लटका मिला। जांच को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के घरों के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाबल तैनात कर दिया है ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंदर न आ सके।
प्रॉपर्टी के कागजात खंगाल रही पुलिस, पड़ोसियों के भी दर्ज हुए बयान
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों से कड़ी पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही, घरों में मौजूद चल-अचल संपत्तियों (प्रॉपर्टीज) और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की गई। पुलिस ने आस-पड़ोस के लोगों से भी बातचीत कर आरोपियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई है। पुलिस का मानना है कि इस छापेमारी से चढ़ावा चोरी का एक बड़ा हिस्सा या उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत बरामद हो सकते हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, 11 जुलाई की बैठक में होगा फैसला
इस महाविवाद के बीच, शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि दोनों के त्यागपत्र मिल चुके हैं, जिस पर 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जाएगा। उन्होंने राम भक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पित की गई चांदी की ईंटें और सोने-चांदी के आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं, आज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंदानंद सरस्वती एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चंदा और धन अनियमितता के मुद्दे पर अपना पक्ष रखेंगे।
7 जून को सामने आया था मामला, SIT जांच के बाद हुई थी FIR
गौरतलब है कि मंदिर में कथित चोरी का यह संवेदनशील मामला सबसे पहले 7 जून को सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई और टिन्नू यादव समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को तीन दिन के लिए जेल भेज दिया था।