डिजिटल डेस्क- केंद्र सरकार देश के सबसे गरीब परिवारों के लिए चलाई जा रही ‘अंत्योदय अन्न योजना’ (AAY) के नियमों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसके लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013’ में संशोधन का एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस नए नियम के तहत अब अनाज का आवंटन प्रति परिवार के बजाय ‘प्रति व्यक्ति’ के हिसाब से किया जाएगा, जिससे बड़े गरीब परिवारों को सीधा और बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। खाद्य मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर 13 जुलाई तक आम जनता से सुझाव और राय मांगी है।
क्या है मौजूदा व्यवस्था और क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
मौजूदा नियम के अनुसार, अंत्योदय श्रेणी में आने वाले परिवारों को प्रति परिवार हर महीने 35 किलो अनाज फिक्स मिलता है, चाहे उस परिवार में 2 सदस्य हों या 8 सदस्य। इसके विपरीत, ‘प्राथमिकता वाले परिवारों’ को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मिलता है। इस व्यवस्था के कारण एक बड़ी विसंगति पैदा हो रही थी बड़े अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्राथमिकता वाले परिवारों से भी कम अनाज मिल पा रहा था, जबकि अंत्योदय श्रेणी में देश के सबसे कमजोर और गरीब लोग आते हैं। इसी असमानता को दूर करने के लिए सरकार यह नया नियम ला रही है।
जानिए किसे और कैसे मिलेगा नए नियम का फायदा?
प्रस्तावित नए नियम के तहत अब अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति 7 किलो अनाज हर महीने दिया जाएगा, हालांकि इसमें प्रति परिवार अधिकतम 35 किलो की सीमा (कैपिंग) बरकरार रहेगी।
- छोटे परिवार: यदि किसी अंत्योदय परिवार में केवल दो सदस्य हैं, तो उन्हें अब हर महीने 14 किलो अनाज मिलेगा।
- बड़े परिवार: जिस परिवार में पांच या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें सीधे अधिकतम सीमा के अनुसार पूरा 35 किलो अनाज दिया जाएगा।
इससे अनाज का आवंटन परिवार के आकार के हिसाब से बेहद न्यायसंगत हो जाएगा और बड़े परिवारों की खाद्य जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी हो सकेंगी।
क्या है इस नए संशोधन का मुख्य मकसद?
सरकार ने इस कदम को ‘मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण’ के तहत देश में खाद्य और पोषण सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया है। इसका मुख्य मकसद गरीब से गरीब व्यक्ति तक किफायती कीमत पर (जो कि वर्तमान में मुफ्त है) अच्छी गुणवत्ता वाला और पर्याप्त मात्रा में भोजन पहुंचाना है। आपको बता दें कि फिलहाल सरकार द्वारा अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवारोंदोनों को ही गेहूं और चावल पूरी तरह मुफ्त दिए जा रहे हैं।