सारिका गुप्ता- लखनऊ के अलीगंज में हुए भयावह कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद कानपुर का जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने शहर के होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई भी संस्थान सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित होता पाया गया, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा।
सिविल पुलिस, नगर निगम, KDA और फायर विभाग की संयुक्त बैठक
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए बुलाई गई इस आपात बैठक में सिर्फ सिविल पुलिस ही नहीं, बल्कि फायर विभाग, नगर निगम और कानपुर विकास प्राधिकरण के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों ने आपसी तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया। इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिनिधियों को आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने, क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसके बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
1000 से अधिक संस्थानों का सत्यापन, कमियां मिलने पर एक्शन
कानपुर में सुरक्षा ऑडिट को लेकर बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा अब तक कोचिंग संस्थान, अस्पताल, हॉस्टल और स्कूलों समेत करीब 1000 से अधिक विभिन्न संस्थानों का सघन सत्यापन (Verification) कराया जा चुका है। जांच के दौरान जिन जगहों पर फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां और लापरवाही पाई गई, उनमें से 40 से अधिक संस्थानों को अग्निशमन विभाग द्वारा तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। बैठक की खास बात यह रही कि सिर्फ आदेश ही नहीं दिए गए, बल्कि विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके सुझाव भी मांगे गए, ताकि शहर के सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित और ‘लीक-प्रूफ’ बनाया जा सके।