डिजिटल डेस्क- लखनऊ में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक कोचिंग सेंटर में भड़की भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि खिड़कियों से कूदने और झुलसने के कारण कई अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हैं। इसी बिल्डिंग में स्थित एक एनीमेशन स्टूडियो भी आग की चपेट में आ गया, जिसने कानपुर के दो सगे दोस्तों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हादसे का शिकार हुए कानपुर के गोविंद नगर (11 ब्लॉक) निवासी 28 वर्षीय संयम विज पिछले तीन साल से इस एनीमेशन स्टूडियो में बतौर थ्री-डी आर्टिस्ट काम कर रहे थे। संयम के मामा सौरभ ने बताया कि 16 दिन पहले ही संयम की दादी का निधन हुआ था और मंगलवार को उनका सत्रहवां संस्कार था। संयम अमूमन हर शुक्रवार को घर आता था, लेकिन इस बार उसे मंगलवार के कार्यक्रम में शामिल होने सीधे लखनऊ से कानपुर आना था। पर होनी को कुछ और ही मंजूर था; घर पर उसकी राह देखने वाले परिजनों के पास अब सिर्फ उसकी यादें बची हैं।
इकलौते सूरजभान की मौत से बेखबर है मां
इसी हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे युवक 22 वर्षीय सूरजभान सिंह कानपुर के बर्रा-सात के रहने वाले थे। वे भी उसी स्टूडियो में थ्री-डी आर्टिस्ट थे और संयम के बेहद करीबी दोस्त थे। सूरजभान के पिता शिवराज का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। हादसे की क्रूरता देखिए कि सोमवार देर रात तक सूरजभान की मां मीरा को इस अनहोनी की भनक तक नहीं दी गई थी, क्योंकि परिवार को डर था कि वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी।
कानपुर में पसरा सन्नाटा, लखनऊ पहुंचे परिजन
एक साथ काम करने वाले और गहरे दोस्त रहे संयम और सूरजभान की मौत की खबर जैसे ही कानपुर पहुंची, दोनों इलाकों में मातम पसर गया। देर रात तक पीड़ितों के घरों के बाहर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भारी भीड़ जुटी रही। सूरजभान के शव का सोमवार देर रात पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए हैं, वहीं संयम के परिजन भी सूचना मिलते ही लखनऊ पहुंच चुके हैं। दो होनहार युवाओं की इस तरह अचानक मौत से पूरा शहर स्तब्ध है।