Knews Desk- भारत में टेलीग्राम पर लगी अस्थायी रोक के बाद इंटरनेट उपयोग के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मैसेजिंग ऐप तक पहुंच सीमित होते ही लाखों यूजर्स ने वैकल्पिक रास्ते तलाशने शुरू कर दिए, जिसके चलते वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) ऐप्स की डाउनलोडिंग में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया। ऐप इंटेलिजेंस फर्म के आंकड़ों के मुताबिक 17 जून को भारत में VPN ऐप्स के डाउनलोड्स 9.19 लाख तक पहुंच गए, जो 2026 में अब तक का सबसे बड़ा एकदिनी आंकड़ा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सामान्य दिनों की तुलना में करीब 76 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल तकनीकी जरूरत का परिणाम नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कितनी तेजी से बढ़ी है। जैसे ही टेलीग्राम तक पहुंच बाधित हुई, यूजर्स ने तुरंत VPN और वैकल्पिक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की ओर रुख किया।

Telegram पर लगी रोक का सबसे बड़ा असर इसके यूजर बेस पर पड़ा। लाखों लोग जो इस प्लेटफॉर्म का उपयोग ग्रुप्स, चैनल्स, न्यूज अपडेट, स्टडी मटेरियल और अन्य कंटेंट के लिए करते हैं, उन्होंने इसे छोड़ने के बजाय VPN का सहारा लिया। VPN तकनीक यूजर्स को अपना IP एड्रेस छिपाकर दूसरे सर्वर के जरिए इंटरनेट इस्तेमाल करने की सुविधा देती है, जिससे क्षेत्रीय प्रतिबंधों को कई बार बायपास किया जा सकता है।
इस बदलाव के बीच कई VPN ऐप्स को भारी फायदा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार Proton VPN, Turbo VPN और Ninja VPN जैसे ऐप्स की डाउनलोडिंग में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई। कुछ ऐप्स के डाउनलोड्स में 100 प्रतिशत से अधिक और कुछ में 600 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई। इससे Google Play Store की रैंकिंग में भी बड़ा बदलाव आया और कई VPN ऐप्स टॉप चार्ट में पहुंच गए।
दिलचस्प बात यह है कि केवल VPN ही नहीं, बल्कि Telegram के वैकल्पिक वर्जन और संबंधित ऐप्स को भी भारी बढ़त मिली है। Telegram X और iMe जैसे ऐप्स के डाउनलोड्स में हजारों प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि यूजर्स टेलीग्राम को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उसके इकोसिस्टम के भीतर ही विकल्प खोज रहे हैं।
हालांकि, सभी ऐप्स को समान फायदा नहीं मिला। WhatsApp का यूजर बेस पहले से ही बहुत बड़ा होने के कारण इसमें अपेक्षाकृत सीमित वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, प्राइवेसी-केंद्रित ऐप Signal के डाउनलोड्स में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कई यूजर्स सिर्फ मैसेजिंग नहीं बल्कि अधिक सुरक्षित और स्वतंत्र प्लेटफॉर्म की तलाश में थे।
भारत में VPN का इस्तेमाल अवैध नहीं है, लेकिन इसका उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया गया तो यह कानून के दायरे में आता है। सरकार के नियमों के तहत VPN कंपनियों को यूजर डेटा और लॉग्स सुरक्षित रखने होते हैं, जिसके कारण कई बड़ी कंपनियों ने भारत में अपने फिजिकल सर्वर बंद कर दिए हैं।
टेलीग्राम पर लगी रोक ने डिजिटल दुनिया में एक नया ट्रेंड पैदा कर दिया है। यह मामला दिखाता है कि इंटरनेट प्रतिबंधों के बावजूद यूजर्स तेजी से तकनीकी समाधान अपनाते हैं और किसी भी प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते खोज लेते हैं।