उत्तराखंड में हाई-वोल्टेज ड्रामा: 26 घंटे से गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा, एक सेवादार को बनाया बंधक, बेबस दिखी पुलिस

डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग के नगरासू में निहंग सिखों से जुड़े हालिया विवाद के बाद देवभूमि का सियासी और सामाजिक पारा तेजी से चढ़ गया है। चमोली के कर्णप्रयाग में 16 जून को निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय युवक के बीच शुरू हुआ विवाद अब और गंभीर रूप ले चुका है। इसके बाद, 20 जून को नगरासू में निहंग श्रद्धालुओं द्वारा गुरुद्वारे के सेवादारों को बंधक बनाए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चमोली प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और कर्णप्रयाग में तत्काल प्रभाव से धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है, जिसके तहत 4-5 लोगों के इकट्ठा होने और हथियार ले जाने पर पूरी तरह रोक है।

कांग्रेस की मांग: पुलिस-प्रशासन बनाए धार्मिक प्रतीकों को लेकर स्पष्ट नीति

इस विवाद के सामने आने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देवभूमि आने वाले सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हमेशा ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ मेहमानों का स्वागत करता है, लेकिन बाहरी लोगों को भी स्थानीय नागरिकों की भावनाओं और सुविधाओं का पूरा सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे टकरावों को रोकने के लिए धार्मिक प्रतीकों को लेकर एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाई जाए।

25 जून को जुट सकते हैं निहंग, पीछे हटने को तैयार नहीं

इधर, गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बेअंत सिंह ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति काफी उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक निहंग समुदाय की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत आगामी 25 जून को बड़ी संख्या में निहंग समुदाय के लोग कर्णप्रयाग पहुंच सकते हैं, जिससे मामला और अधिक पेचीदा और संवेदनशील होने की आशंका है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन फिलहाल स्थिति को बातचीत से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं और किसी बड़े बल प्रयोग के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

गोविंद घाट पर ITBP और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, हेमकुंड साहिब की यात्रा जारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों या कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा अभी शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गोविंद घाट समेत यात्रा मार्ग के सभी प्रमुख चेक पोस्टों पर अतिरिक्त पुलिस बल और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को तैनात कर दिया गया है। स्थानीय पहाड़ी नागरिक भी लगातार सिख और निहंग श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि वे पहाड़ की शांत वादियों में सौहार्दपूर्ण तरीके से अपनी यात्रा पूरी करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।

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