डिजिटल डेस्क- तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाला औद्योगिक हादसा सामने आया है। पेरीपालयम के पास कन्निकैपैयार गांव में स्थित एक झींगा प्रसंस्करण (प्रॉन्स प्रोसेसिंग) कारखाने में अचानक हुए अमोनिया गैस के भीषण रिसाव के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इस जहरीली गैस की चपेट में आने से कारखाने के भीतर काम कर रहे 45 से अधिक मजदूर मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। गैस का रिसाव इतना घातक था कि बेहोश हुए कई श्रमिकों के मुंह और नाक से खून तक बहने लगा। इस खौफनाक मंजर से पूरी फैक्ट्री और आस-पास के इलाके में सनसनी फैल गई है।
सांस लेने की तकलीफ के बाद मच गई चीख-पुकार, 6 मजदूरों समेत 7 ने तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह रविवार सुबह कारखाने में बड़ी संख्या में मजदूर काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक प्लांट की पाइपलाइन से अमोनिया गैस का तीव्र रिसाव होने लगा। हवा में जहरीली गैस घुलते ही मजदूरों का दम घुटने लगा और वे सांस लेने के लिए तड़पने लगे। देखते ही देखते फैक्टरी परिसर चीख-पुकार और मलबे की तरह गिरे बेहोश लोगों से भर गया। आनन-फानन में सभी प्रभावितों को स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 6 मजदूरों सहित कुल 7 लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, 10 से अधिक श्रमिकों की हालत अत्यंत गंभीर देखते हुए उन्हें चेन्नई के स्टेनली सरकारी अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां वे वेंटिलेटर पर हैं।
राज्यपाल ने जताया गहरा दुख, पीड़ित परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना
इस भीषण औद्योगिक त्रासदी पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राजभवन द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में राज्यपाल ने कहा, “तिरुवल्लूर जिले के पेरियापलायम के पास कन्निकैपैयार गांव में स्थित झींगा प्रसंस्करण कारखाने में हुई अमोनिया गैस रिसाव की दुखद घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं, जिसमें अनेक लोगों की जान चली गई और कई श्रमिक घायल हो गए। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि उपचार करा रहे सभी लोग शीघ्र स्वस्थ हो जाएं।”
जांच में जुटा प्रशासन, इलाका कराया गया सुरक्षित
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर, पुलिस बल और दमकल विभाग की टीमें राहत सामग्री और मास्क के साथ मौके पर पहुंच गईं। तकनीकी विशेषज्ञों ने कड़ी मशक्कत के बाद गैस के रिसाव वाले मुख्य वाल्व को नियंत्रित किया ताकि जहरीली गैस रिहायशी इलाकों तक न फैले। पुलिस ने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ सुरक्षा मानकों में कोताही बरतने और लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में फैक्टरी में सुरक्षा ऑडिट न होने को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।