मिशन 2027: मायावती का मास्टरस्ट्रोक, दलितों के साथ अपर कास्ट के गरीबों को जोड़ने की रणनीति, विरोधियों के दुष्प्रचार पर बसपा का कड़ा पलटवार

डिजिटल डेस्क- बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर पार्टी अब केवल दलितों तक सीमित न रहकर ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति के तहत समाज के शोषितों, पीड़ितों और अपर कास्ट समाज के गरीब-उपेक्षित वर्ग को एक साथ लाने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। इसी बीच, बीएसपी ने पार्टी उम्मीदवारों के चयन और आर्थिक सहयोग को लेकर मीडिया व विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर तीखा पलटवार किया है।

पूंजीपतियों की नहीं, अपने लोगों के बलबूते चलने वाली पार्टी

बीएसपी नेतृत्व की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया है कि बहुजन समाज पार्टी दूसरी राजनीतिक पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूंजीपतियों या धन्नासेठों के इशारे और सहारे पर नहीं चलती। यह बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए रास्तों पर चलने वाली एक ईमानदार आंबेडकरवादी पार्टी है, जो पूरी तरह से अपने कार्यकर्ताओं के तन, मन और धन के बलबूते आगे बढ़ रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बीएसपी का यह बढ़ता जनाधार संकीर्ण, जातिवादी और साम्प्रदायिक ताकतों को पच नहीं रहा है, इसलिए चुनाव नजदीक आते ही षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।

टिकट वितरण और कोर्ट जैसी जिरह का क्या है सच?

मीडिया के एक वर्ग द्वारा उम्मीदवारों के चयन पर उठाए जा रहे सवालों पर बीएसपी ने स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के अनुसार, इस समय यूपी स्टेट यूनिट के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और अन्य पदाधिकारी आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की संभावित सूची तैयार करने और उनकी ठोस स्क्रीनिंग करने में दिन-रात जुटे हैं। टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हैसियत के साथ-साथ पार्टी के प्रति उनकी वफादारी और टिकाऊपन को परखने के लिए कोर्ट की तरह कड़ी जिरह (सवाल-जवाब) की जा रही है। बीएसपी ने अपील की है कि इसे नकारात्मक रूप में देखने के बजाय पार्टी की आंतरिक मजबूती के तौर पर देखा जाना चाहिए। साथ ही यह भी साफ किया गया कि मिलने वाला आर्थिक सहयोग पूरी तरह कानूनी दायरे में रहकर उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए ही खर्च होता है।

विरोधियों की उड़ी नींद, कार्यकर्ताओं से गुमराह न होने की अपील

बीएसपी ने अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे विरोधी पार्टियों के किसी भी प्रायोजित (स्पॉन्सर्ड) प्रोपेगैंडा या अफवाह का शिकार न हों। पार्टी ने दावा किया कि ‘मिशन 2027’ के लिए बीएसपी की जमीनी तैयारियों को देखकर विपक्षी खेमे में घबराहट और खलबली मची हुई है, जिसके कारण ऐसे दुष्प्रचार किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *