डिजिटल डेस्क- झारखंड की राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अपराधियों ने एक बेहद दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। यहां अपराधियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंके। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में पीले नंबर प्लेट वाली एक टैक्सी (कार) और दो मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया गया था। हमलावर योजनाबद्ध तरीके से आए, कुछ देर आरएसएस कार्यालय के बाहर रुके और फिर एक के बाद एक दो पेट्रोल बम भीतर फेंक दिए। संजय सेठ के अनुसार, एक पेट्रोल बम हवा में ही फट गया, जबकि दूसरा जमीन पर गिरने के बाद भी नहीं फट पाया।
बाबूलाल मरांडी ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “यह बेहद गंभीर मामला है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी बहुत बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी। सुबह के वक्त कार और बाइक सवार अपराधियों ने इस दुस्साहस को अंजाम दिया है।” उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला उपायुक्त (डीसी) से बात कर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
“पूरी राजधानी को सुलगाने की थी बड़ी साजिश”
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीच शहर में इस तरह की घटना को अंजाम देना एक बड़ी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। घटना के वक्त कार्यालय के बाहर कई गाड़ियां खड़ी थीं और परिसर के अंदर संघ के स्वयंसेवक भी मौजूद थे। अगर दूसरा बम भी फट जाता, तो वहां भीषण आगजनी हो सकती थी। उन्होंने कहा कि यह पूरी राजधानी को अशांत करने की एक बड़ी योजना थी, जिसके तार कहां तक जुड़े हैं, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
रांची पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस कार्यालय और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है ताकि पीले नंबर प्लेट वाली कार और संदिग्ध बाइकों की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।