KNEWS DESK- महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। खबरें हैं कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई सांसद पार्टी छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस संभावित घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया जा रहा है।
इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब हाल ही में उद्धव ठाकरे ने अपने आवास ‘मातोश्री’ पर पार्टी सांसदों की अहम बैठक बुलाई। बैठक के अगले ही दिन पार्टी सांसद संजय देशमुख की केंद्रीय राज्य मंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता प्रतापराव जाधव से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।
शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि उद्धव गुट के कई सांसद उनके संपर्क में हैं और बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कुछ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत लगातार इन दावों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह की टूट की आशंका नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, मातोश्री में हुई बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने सांसदों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई जाना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में समय बदलता रहता है और भविष्य में परिस्थितियां अलग भी हो सकती हैं।
गौरतलब है कि 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो धड़ों में बंट गई थी। तब बड़ी संख्या में विधायक शिंदे के साथ चले गए थे। अब यदि सांसदों का भी पलायन होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
फिलहाल सभी की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, क्योंकि यदि ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाएं हकीकत में बदलती हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।