Bada Mangal 2026: 7वें बड़े मंगल पर बजरंगबली को सुबह-शाम चढ़ाएं ये विशेष भोग, जीवन में आएंगी सुख-समृद्धि!

KNEWS DESK- ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल 16 जून 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में बड़े मंगल को बेहद शुभ माना गया है। इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने और उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने से जीवन के दुख, संकट और बाधाएं दूर होती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से बजरंगबली भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

सुबह की पूजा में लगाएं ये खास भोग

बूंदी के लड्डू

हनुमान जी को बूंदी और बेसन के लड्डू अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। बड़े मंगल की सुबह पूजा के समय बूंदी के लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। भोग लगाने के बाद प्रसाद को परिवार और जरूरतमंद लोगों में बांटना पुण्यदायी माना जाता है।

गुड़ और भुने हुए चने

गुड़ और चना बजरंगबली का प्रिय प्रसाद माना जाता है। यह सरल होने के साथ-साथ अत्यंत शुभ भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसे अर्पित करने से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

केले का भोग

फलों में केला हनुमान जी को विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। बड़े मंगल की सुबह केले का भोग लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

तुलसी दल और पान

कई स्थानों पर भक्त श्रद्धा भाव से हनुमान जी को तुलसी दल अर्पित करते हैं। इसके अलावा पान का बीड़ा भी चढ़ाया जाता है, जिसे शुभ और मंगलकारी माना गया है।

शाम की पूजा में लगाएं ये विशेष प्रसाद

चूरमा या घी-गुड़ से बना प्रसाद

शाम की पूजा में चूरमा या घी और गुड़ से बने प्रसाद का भोग लगाना शुभ माना जाता है। यह भक्तिभाव और समर्पण का प्रतीक है।

इमरती का भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी को इमरती अत्यंत प्रिय है। बड़े मंगल की शाम इमरती का भोग लगाने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

नारियल अर्पित करें

पूजा के समय नारियल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। नारियल को सफलता, शुभ फल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।

पंचमेवा का भोग

बादाम, काजू, किशमिश, मखाना और छुहारे से तैयार पंचमेवा का भोग शाम की पूजा में लगाया जा सकता है। यह सुख, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व

उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सुंदरकांड का पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ और विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की उपासना करने से भय, रोग, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं। साथ ही भक्तों के जीवन में सुख, शांति और सफलता का आगमन होता है।

जय बजरंगबली! बड़े मंगल के इस पावन अवसर पर श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करें और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करें।

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