जिन पर सवाल वे अब भी पद पर….. दान घोटाले की जांच में नया मोड़, ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था पर सवाल

Knews Desk- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित हेरफेर और गबन के मामले की जांच तेज हो गई है। तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। जांच के दौरान केवल आरोपित कर्मचारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि पूरे निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मंदिर ट्रस्ट की ओर से चढ़ावे की सुरक्षा, संग्रहण, गिनती और बैंक में जमा करने के लिए बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था होने का दावा किया जाता रहा है। इसके बावजूद कथित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी व्यवस्था के बावजूद गड़बड़ियों की जानकारी समय रहते अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गबन केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित था या फिर निगरानी व्यवस्था में भी गंभीर खामियां थीं। मामले में कई कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

इस बीच, ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जिन अधिकारियों की निगरानी में पूरा तंत्र संचालित होता रहा, उनकी जवाबदेही तय किए बिना क्या जांच निष्पक्ष और प्रभावी मानी जा सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि संबंधित पदाधिकारियों को अनियमितताओं की जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई, और यदि जानकारी नहीं थी तो यह निगरानी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

मामले में एक और महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं, वे अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं। ऐसे में जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। SIT की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है और क्या प्रशासनिक जवाबदेही भी जांच के दायरे में लाई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *