KNEWS DESK- दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को एक बड़े स्तर पर ‘मां यमुना तट स्वच्छता अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में 15 हजार से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, छात्र समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया।
राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में स्थित यमुना के घाटों और किनारों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया गया। कुल 28 घाटों पर आयोजित इस मुहिम के दौरान 116.6 मीट्रिक टन कचरा एकत्र कर हटाया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने यमुना को स्वच्छ रखने और उसके संरक्षण का संकल्प भी लिया।
अभियान के दौरान आवासीय कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने श्रमदान कर न केवल सफाई की, बल्कि लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया। नदी किनारे, संपर्क मार्गों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किया गया।
इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह एक जनआंदोलन जैसा रूप लेता दिखाई दिया।
जल एवं सिंचाई मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि वर्षों से यमुना की सफाई पर चर्चा होती रही है, लेकिन अब इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक ठोस सामाजिक आंदोलन में बदला जा रहा है।
यह अभियान न केवल सफाई का प्रतीक बना, बल्कि लोगों की बढ़ती पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयासों की मिसाल भी पेश करता है।