अमित मिश्रा- उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज और अनोखा मामला सामने आया है, जिसने आम जनता के साथ-साथ पुलिस महकमे को भी सोच में डाल दिया है। कन्नौज पुलिस ने एक बेहद शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए शाहजहांपुर निवासी दो ठगों अमन कुमार तिवारी और रामवीर को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं हैं, बल्कि ये सीधे पुलिस के सिस्टम में सेंध लगाकर ठगी का बड़ा खेल खेल रहे थे।
खुद को ‘हेड क्वार्टर का साहब’ बताकर उड़ाते थे गोपनीय डेटा
इन दोनों शातिर ठगों का तरीका बेहद हैरान करने वाला था। ये आरोपी खुद को पुलिस मुख्यालय (लखनऊ हेड क्वार्टर) का बड़ा अधिकारी बताते हुए अलग-अलग जिलों की पीआरवी और ‘डायल 112’ पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोन करते थे। अपने रौबदार लहजे और खाकी के रसूख का फायदा उठाकर ये आरोपी ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों से हाल ही में हुई घटनाओं, दर्ज हुए मुकदमों और उनके पीड़ितों (शिकायतकर्ताओं) के नाम, मोबाइल नंबर और पूरी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे।
क्यूआर कोड भेजकर पीड़ितों की जेब पर डालते थे डाका
जैसे ही इन ठगों के हाथ पीड़ितों का गोपनीय डेटा लगता, इनका असली खेल शुरू हो जाता था। ये तुरंत उन पीड़ितों को फोन घुमाते थे और खुद को संबंधित थाने का जांच अधिकारी या बड़ा पुलिसकर्मी बताते थे। पीड़ित को झांसे में लेने के लिए ये कहते थे, तुम्हारा मामला हम रफा-दफा करवा देंगे या आरोपी पर कड़ी कार्रवाई करनी है, तुरंत कोर्ट फीस जमा करो| इसके बाद आरोपी पीड़ितों को व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड भेजते थे और मामला निपटाने या कार्रवाई तेज करने के नाम पर हजारों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। पुलिस के नाम पर फोन आने के कारण सीधे-साधे पीड़ित भी बिना सोचे-समझे पैसे भेज देते थे।
कन्नौज पुलिस ने बिछाया जाल
जब लगातार कई पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क कर पैसे मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई, तो महकमे में खलबली मच गई। कन्नौज के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस और स्वाट टीम को एक्टिव किया। पुलिस ने एक सटीक रणनीति और जाल बिछाकर दोनों मास्टरमाइंड अमन कुमार तिवारी और रामवीर को दबोच लिया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि ये दोनों शातिर केवल कन्नौज ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी इसी तरह से ‘डायल 112’ के पुलिसकर्मियों को चकमा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। इनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।”