डिजिटल डेस्क- पटना के बहुचर्चित कोचिंग गोलीकांड मामले में पिछले 12 दिनों से जेल में बंद ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के डायरेक्टर रोशन आनंद को आखिरकार कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने रोशन आनंद की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दे दिया है। हालांकि, यह राहत रोशन आनंद के लिए बेहद भावुक और गमगीन क्षणों के बीच आई है, क्योंकि महज एक दिन पहले उनके सगे भाई प्रिंस आनंद की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जेल से बाहर आने के बाद रोशन आनंद सीधे अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।
खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुई थी फायरिंग
यह पूरा मामला पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान यानी ‘खान सर’ के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले खान सर के इस कोचिंग सेंटर पर अज्ञात हमलावरों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता (Business Rivalry) के शक में प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु’ के डायरेक्टर रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस का आरोप था कि इस साजिश के पीछे कोचिंग सेंटर्स की आपसी आपसी रंजिश हो सकती है।
हाई कोर्ट में दी गई बेगुनाही की दलील
रोशन आनंद की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने अदालत के सामने मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि रोशन आनंद का इस हिंसक वारदात से दूर-दूर तक कोई सीधा संबंध नहीं है। वे पूरी तरह निर्दोष हैं और कानून का सम्मान करने वाले नागरिक हैं। इसके साथ ही याचिका में यह भी भरोसा दिलाया गया कि रोशन आनंद पुलिस की हर जांच और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और परिस्थितियों को देखते हुए रोशन आनंद की जमानत मंजूर कर ली।
नेपाल में भाई की संदिग्ध मौत से बढ़ा रहस्य
रोशन आनंद को जमानत मिलने से ठीक एक दिन पहले रविवार को उनके भाई प्रिंस आनंद की नेपाल में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है और परिवार में कोहराम मच गया है। प्रिंस आनंद की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस टाइमिंग को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, रोशन आनंद जमानत की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर अपने भाई के अंतिम संस्कार और दुखी परिवार को संभालने के लिए रवाना हो रहे हैं।